गोंडा: 17 घंटे में बरामद क‍िया अपहृत बच्चा, मुठभेड़ के बाद अपहरणकर्ता ग‍िरफ्तार

गोंडा। यूपी के गोंडा जिले से शुक्रवार को करनैलगंज कस्बे से किडनैप किए गए व्यवसायी के पोते को शनिवार सुबह मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो अपहरणकर्ता घायल हुए हैं। एसटीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान में सवा सात बजे यह सफलता मिली। एडीजी ला एंड आर्डर और एसटीएफ के एसपी मुठभेड़ स्थल पर मौजूद रहे।

प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार पुलिस और एसटीएफ रात से ही बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए लगी थी। सीओ के मुताबिक शनिवार सुबह भौरीगंज रोड पर अपहरणकर्ताओं की लोकेशन सर्विलांस से मिली। एसटीएफ और पुलिस टीम ने पीछा किया तो कार एक खम्भे से टकरा गई। दो अपहरणकर्ता गाड़ी से भागने लगे। दोनों ने पुलिस टीम पर फायर किया। जवाब में पुलिस ने दो बदमाशों को जवाबी फायरिंग में दबोच लिया। पुलिस के अनुसार गाड़ी से अपह्रत बच्चे के साथ एक महिला और पुरुष को हिरासत में ले लिया गया है। दोनों घायल अपहरणकर्ताओं को जिला अस्पताल में भेजा गया है। बच्चे को अभी पुलिस ने अपनी सुरक्षा में रखा गया है।

बच्चे के अपहरण और उसके परिजनों से फिरौती की रकम मांगने में आरोपी महिला की जो भूमिका थी उसके बारे में जानकर पुलिस भी हैरान है। उसकी एक गलती की वजह से पुलिस को अपहरणकर्ताओं का सुराग लगा था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

कौन है गिरफ्तार महिला
आरोपी महिला का नाम छवि पाण्डेय है। छवि एक अन्य आरोपी सूरज पाण्डेय की पत्नी है। छवि भी इस अपहरण में सक्रियता से शामिल थी। उसने ही बच्चे के कारोबारी पिता को फिरौती के लिए फोन किया था।

उसने फोन करके चार करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की धमकी वाले ऑडियो में छवि साफ साफ यह कहती हुई सुनाई दे रही है कि- कानपुर वाले विकास दुबे मामले का पता है न, पुलिस किसी की नहीं होती।

छवि की एक गलती से पुलिस को मिला सुराग
फिरौती के लिए जब कारोबारी को फोन आया तो उसने कॉल को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और यह रिकॉर्डिंग पुलिस को दे दी। अपहरणकर्ता (छवि) और कारोबारी की बातचीत सुनकर पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया कि आरोपी कोई पेशेवर अपहरणकर्ता नहीं हैं।

छवि फोन पर कारोबारी से ठीक-ठाक लहजे में आप-आप करके बात कर रही थी। बातचीत के दौरान वह धमकी देने में अटक भी रही थी। ऐसा लग रहा था कि पीछे से कोई उसे बता रहा हो कि आगे क्या बोलना है।

बच्चे के पिता और छवि के बीच हुई बातचीत
पुलिस को तुरंत मामला समझ आ गया और तत्कात टीम गठित की गई। शनिवार सुबह गोंडा के करनैलगंज में ही पुलिस ने आरोपियों के साथ मुठभेड़ के बाद छवि समेत चार को गिरफ्तार किया और बच्चे को सही सलामत बरामद किया।

अपहृत बच्चे के पिता और छवि के बीच हुई बातचीत

छविः हैलो
कारोबारीः हैलो
छवि: (धमकाते हुए) आवाज न आ रही हो तो बताओ, आवाज न आ रही हो तो बताओ, आपका लड़का किडनैप हो चुका है।
कारोबारीः अच्छा, तो क्या करना पड़ेगा?
छवि: 4 करोड़ की व्यवस्था करो, हम शाम तक फोन करेंगे। ज्यादा दिमाग लगाने की कोशिश न करना। जो करोगे हमको सब पता चल जाएगा, अभी तक सब ठीक है वरना कानपुर वाला मैटर तो जानते हो न..?
कारोबारी: हां… कौन कानपुर वाला..?
छविः विकास दुबे वाला… जानते ही हो पुलिस किसका कितना साथ देती है… पुलिस के पास जाना चाहो तो जाओ…मैं मना नहीं कर रही हूं.. बस आपका लड़का आपको नहीं मिलेगा।
कारोबारी: हमें हमारा लड़का चाहिए बस।
छवि: आपको अपना लड़का चाहिए? दो तीन घंटे बाद मैं फोन करूंगी… बस हां या न में जवाब देना…. और अगर आपने कुछ भी कदम उठाने की कोशिश की तो लड़के की उम्मीद छोड़ दीजिए…
कारोबारीः जी जी… नहीं हम कोई कदम नहीं उठाएंगे
छविः जी ठीक है।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *