ग्लोबल टाइम्स का दावा: पेंगांग झील के उत्तर और दक्षिण किनारों से दोनों देश की सेनाओं ने पीछे हटाना शुरू

पेइचिंग। लद्दाख में एलएसी पर लगातार कई महीने से जारी भारत और चीन की तनातनी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। चीनी सरकार के करीबी कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट कर दावा किया है कि पेंगांग झील के उत्तर और दक्षिण दोनों किनारों से दोनों देशों ने सेनाएं पीछे हटाना शुरू कर दिया है। चीनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कोर कमांडर स्तर की नौवें दौर की चर्चा में हुई सहमति के बाद सैनिकों ने बुधवार से पीछे हटना शुरू कर दिया है। भारतीय सेना या रक्षा मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले साल मई से ही हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देश सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की वार्ता भी कर चुके हैं। इस बीच चीन की प्रॉपगैंडा फैलाने में माहिर सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि दोनों देश पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपनी-अपनी सेनाओं को हटा रहे हैं। हालांकि, चीन के इस दावे पर भारतीय सेना की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चीनी मीडिया ने रक्षा मंत्रालय के बयान का दिया हवाला
ग्लोबल टाइम्स ने चीनी रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए लिखा कि भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता में बनी आम सहमति के अनुसार चीनी और भारतीय बॉर्डर ट्रूप्स ने बुधवार से पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से डिसइंजेमेंट शुरू कर दिया है।
नौवें दौर की वार्ता के बाद सेना का क्या था बयान
सीमा गतिरोध को लेकर 24 जनवरी को चीन की ओर स्थित मोल्डो में भारत और चीन के बीच 9वें दौर की बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच बॉर्डर वाले इलाके से सैनिकों की जल्द वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हालात को नियंत्रित और स्थिर बनाने पर सहमति बनी थी। भारतीय सेना ने इस बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा था कि यह दौर सकारात्मक, व्यावहारिक और रचनात्मक था, जिसने आपसी विश्वास और समझ को और बढ़ाया।
रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा था
रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि दोनों पक्ष इस पर सहमत है कि 9वें दौर की यह बातचीत सकारात्मक रही इससे आपसी भरोसा और समझ और बढ़ेगी। दोनों पक्ष इस पर राजी है कि जल्दी फ्रंट लाइन पर तैनात सैनिकों के डिसइंगेजमेंट की कोशिश की जाए। दोनों देशों के राजनेताओं के बीच बनी सहमति पर ही दोनों पक्ष राजी है कि बातचीत जारी रहनी चाहिए। 10 वें राउंड की कोर कमांडर मीटिंग जल्द से जल्द की जाएगी ताकि तनाव कम किया जा सके।
कड़ाके की ठंड में डटे हुए हैं सैनिक
वर्तमान समय में भारतीय सेना के लगभग 50,000 सैनिक शून्य से नीचे के तापमान में पूर्वी लद्दाख के विभिन्न पहाड़ी स्थानों में युद्ध के लिए तैयार स्थिति में तैनात हैं। चीन ने भी उतनी ही संख्या में अपने सैनिक तैनात किये हैं। पिछले महीने, भारत और चीन के बीच भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के तहत कूटनीतिक वार्ता का एक और दौर आयोजित हुआ था।
रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण है पैंगोंग झील
पैगोंग झील और आसपास के इलाके को रणनीतिक लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत ने मई की शुरुआत में गतिरोध शुरू होने के बाद से झील के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। दोनों सेनाओं के बीच पांच मई को पैंगोंग झील वाले इलाके में हिंसक झड़प के बाद गतिरोध शुरू हुआ। पैंगोंग झील की घटना के बाद नौ मई को उत्तरी सिक्किम में इसी तरह की घटना हुई थी।
-एजेंसियां

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