GL Bajaj के भावी इंजीनियर्स ने पोस्टर प्रजेंटेशन में दिखाई प्रतिभा

मथुरा। GL Bajaj Group of Institutions ने छात्रों के बौद्धिक विकास को एक नया मंच देने के लिए मंगलवार को ऑनलाइन पोस्टर प्रजेंटेशन (poster presentation) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने न केवल बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि अपनी सकारात्मक सोच और विचारों से सुनहरे भविष्य के संकेत दिए। पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता में संस्थान की डॉ. शिल्पी सक्सेना, प्रो. आशीष अग्रवाल तथा प्रो. करिश्मा मित्तल का विशेष योगदान रहा।

मंगलवार को संस्थान के सभी बी.टेक इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन टेक्निकल पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता रखी गई। इस प्रतियोगिता में अपनी मेधा का शानदार परिचय देने के लिए छात्र-छात्राएं पिछले कई दिनों से तैयारियां कर रहे थे।

Magic of dimension in GL Bajaj presentation by Akash shrivastava
Magic of dimension in GL Bajaj presentation by Akash shrivastava

ऑनलाइन पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता में बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चतुर्थ वर्ष के छात्र आकाश श्रीवास्तव ने मैजिक ऑफ डाइमेंशन, बीटेक सीएस के द्वितीय वर्ष के छात्र सागर ने ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम, मैकेनिकल इंजीनियरिंग चतुर्थ वर्ष की छात्रा दिव्यांशी तथा आदित्य ने फूड वेस्ट प्रिवेंशन वाश बेसिन तथा बीटेक सीएस के द्वितीय वर्ष के छात्र उत्कर्ष सक्सेना ने मशीन लर्निंग को ऑनलाइन वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदर्शित किया।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी के लिए मौजूदा समय काफी चुनौती भरा है, ऐसे में उन्हें अपनी सोच में बदलाव लाते हुए भविष्य की तैयारियां करनी चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली बौद्धिक विकास के लिए स्थायी विकल्प नहीं हो सकती लेकिन वैश्विक महामारी को देखते हुए किसी तरह का जोखिम भी नहीं लिया जा सकता। उन्होंने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी सोच को बदलें तथा यह साबित करें कि वह हर चुनौती के लिए तैयार हैं।

GL Bajaj संस्थान की निदेशक डॉ. नीता अवस्थी का कहना है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक विषय पर ध्यान दिया जाना भी बहुत जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए GL Bajaj संस्थान प्रति सप्ताह विषय विशेषज्ञों से छात्र-छात्राओं को रूबरू करा रहा है। पोस्टर प्रजेंटेशन प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता का मूल्यांकन करना है। डॉ. अवस्थी ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का दौर है ऐसे में युवा पीढ़ी के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है।

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