73वें आर्मी डे पर जनरल नरवणे का दुश्‍मन देशों को संदेश, कोई हमारे संयम की परीक्षा लेने का प्रयास न करे

नई दिल्‍ली। इंडियन आर्मी आज अपना 73वां आर्मी डे सेलिब्रेट कर रही है। इस मौके पर आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने चीन और पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में हमारे सैनिकों का दिया बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। वहीं, पाकिस्तान पर बोलते हुए कहा कि पाक कभी अपनी नापाक हरकतों में कामयाब नहीं हो पाएगा।
कोई हमारे संयम की परीक्षा न ले
आर्मी चीफ नरवणे ने का- ‘बीते साल देश ने चीन के साथ लगी सीमा पर बड़ी मुश्किलों का सामना किया और करारा जवाब भी दिया। किसी को भी हमारे संयम की परीक्षा लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हम बातचीत और राजनीतिक उपायों के जरिए समस्या का समाधान करने को प्रतिबद्ध हैं। मैं भारत के लोगों को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि गलवान घाटी में हमारे सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।’
मिलकर अटैक कर सकते हैं ड्रोन
आर्मी डे परेड के दौरान कई ड्रोन ने मिलकर दुश्मन के टैंक, आतंकी कैंप, हैलीपैड, फ्यूल स्टेशन सहित कई जगहों को निशाना बनाने का प्रदर्शन किया। इसमें 75 ड्रोन शामिल थे। इंडियन आर्मी ने स्वदेशी कंपनियों के साथ मिलकर ड्रोन स्वॉर्मिंग सिस्टम का प्रदर्शन किया। इसमें मदर ड्रोन सिस्टम को भी दिखाया गया।
आर्मी डे पर शुक्रवार को पहली बार इंडियन आर्मी ने ड्रोन अटैक का नजारा पेश किया। आर्मी डे परेड के दौरान दिखाया कि किस तरह ड्रोन बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बना सकते हैं। कई ड्रोन के मिलकर एक मिशन को अंजाम देने के इस सिस्टम को ड्रोन स्वॉर्मिंग कहते हैं। यह नई टेक्नोलॉजी भविष्य में युद्ध के पूरे सीन को ही बदलने की क्षमता रखती है और नो कॉन्टेक्ट वॉरफेयर यानी बिना कॉनटेक्ट से युद्ध में यह बेहद अहम साबित होगी।
50 किमी अंदर आकर टार्गेट को किया नष्ट
आर्मी डे परेड के दौरान कई ड्रोन ने मिलकर दुश्मन के टैंक, आतंकी कैंप, हैलीपैड, फ्यूल स्टेशन सहित कई जगहों को निशाना बनाने का प्रदर्शन किया। इसमें 75 ड्रोन शामिल थे। इसमें दिखाया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह ड्रोन बिना किसी मानव हस्तक्षेप के दुश्मन के इलाके में 50 किलोमीटर तक अंदर दाखिल हुए और टारगेट की पहचान कर उन्हें नष्ट किया। इस सिस्टम में सारे ड्रोन एक दूसरे से कम्युनिकेट करते हैं और मिलकर मिशन को अंजाम देते हैं।
मदर ड्रोन से निकले चाइल्ड ड्रोन
इंडियन आर्मी ने स्वदेशी कंपनियों के साथ मिलकर ड्रोन स्वॉर्मिंग सिस्टम का प्रदर्शन किया जो इसका भी प्रदर्शन है कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भविष्य में किस तरह युद्ध होंगे यह इसकी भी एक झलक थी। यह टेक्नोलॉजी दुनिया भर में युद्ध के तरीके को बदल रही है।
इसमें मदर ड्रोन सिस्टम को भी दिखाया गया। दिखाया गया कि मदर ड्रोन से चार चाइल्ड ड्रोन निकलते हैं और जिनके अलग अलग टारगेट होते है। फिर यह चाइल्ड ड्रोन अपने टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट करते हैं।
पैरा ड्रॉपिंग में हो सकेंगे इस्तेमाल
ऑफेंसिव ड्रोन ऑपरेशन के जरिए इंडियन आर्मी ने दिखाया कि तरह भारत तकनीक के मामले में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन ने सिर्फ दुश्मन के ठिकानों को ही निशाना नहीं बनाया बल्कि यह भी दिखाया कि यह पैरा ड्रॉपिंग के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ड्रोन से कोई सामान पैराशूट के जरिए ड्रॉप करने के अलावा ये ड्रोन सामान लेकर खुद लैंड हो सकते हैं और लैंड होते ही इनका सिस्टम खुद बंद हो जाएगा।
टीम में 600 किलो वजन की सप्लाई ड्रॉप करने की क्षमता
जब वहां मौजूद सैनिक वह सामान लेकर कोई दूसरा सामान जो उसमें भेजना है उसे ड्रोन में लोड कर देगा तो फिर ड्रोन ऑटोमेटिक खुद स्टार्ट हो जाएंगे और अपने ठिकाने तक पहुंच जाएंगे। 75 ड्रोन की टीम मिलकर 600 किलो तक की सप्लाई ड्रॉप कर सकती है। भारतीय सैनिक कई ऐसे इलाकों में तैनात हैं जहां पहुंचना बहुत मशक्कत भरा होता है, मौसम भी चुनौती होती है। ऐसे में ड्रोन के जरिए सप्लाई करने के साथ ही एक्सचेंज भी बेहद आसानी से हो सकता है।
-ऐजेंसियां

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