गावसकर की सलाह, इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्‍ट में कुलदीप को खिलाया जाए

मुंबई। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावसकर चाहते हैं इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहिए। कुलदीप, काफी समय से भारतीय एकादश का हिस्सा नहीं हैं। जनवरी 2019 में वह भारत के लिए आखिरी बार टेस्ट मैच खेले थे। तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे प्रारूप में अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं।
इंग्लैंड के हाथों सीरीज के पहले मैच में 227 रन की करारी हार के बाद टीम मे बदलाव की मांग उठने लगी है। कई जानकार कुलदीप को टीम में शामिल करने की वकालत कर रहे हैं। कुलदीप के स्थान पर बाएं हाथ के अन्य स्पिनर शाहबाज नदीम को टीम में शामिल किया गया था। नदीम ने मैच में चार विकेट तो लिए लेकिन वह लगातार नो-बॉल से परेशान रहे।
गावसकर ने कहा कि भारतीय टीम पहले टेस्ट में वॉशिंगटन सुंदर या शाहबाज नदीम के स्थान पर कुलदीप को शामिल कर सकता था हालांकि वह यह भी मानते हैं कि ब्रिसबेन में सुंदर ने जिस तरह का खेल दिखाया उसके बाद उन्हें ड्रॉप करना जायज नहीं होता। गावसकर हालांकि दूसरे टेस्ट में यादव को शामिल करने के हिमायती हैं।
आधिकारिक प्रसारणकर्ता स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में गावसकर ने कहा, ‘शायद वह वैरायटी के लिए यादव को टीम में शामिल कर सकते थे क्योंकि आपके पास वॉशिंगटन सुंदर और रविचंद्रन अश्विन के रूप में दो ऑफ स्पिनर थे।’
उन्होंने आगे कहा, ‘अश्विन हवा में थोड़ा धीमा फेंकते हैं और सुंदर थोड़ा तेज। लेकिन ब्रिसबेन में सुंदर ने जिस तरह का प्रदर्शन किया उसके बाद उन्हें ड्रॉप करना सही नहीं होता। और इस मैच में भी उन्होंने साबित किया कि वह टीम में जगह डिजर्व करते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘अगले मैच में वह कुलदीप यादव को नदीम या सुंदर, किसी की भी जगह टीम में शामिल कर सकते हैं। लेकिन उन्हें इंग्लैंड को इस मैच के मुकाबले कम के स्कोर पर आउट करना होगा। मुझे लगता है कि नदीम थोड़ा नर्वस थे। मैं इस बारे में बात नहीं कर रहा कि उन्होंने कैसी गेंदबाजी की, मैं नो-बॉल की बात कर रहा हूं। यह हमेशा इस बात का सबूत होता है कि गेंदबाज काफी नर्वस है।’
गावसकर ने आगे कहा, ‘स्पिनर्स लय हासिल करने में काफी उत्सुक होते हैं। और इसी उत्साह में वे कई बार नो-बॉल फेंकते हैं। ऐसा अश्विन के साथ भी हुआ। काफी वक्त बाद उन्होंने एक नो-बॉल फेंकी। हां, इस बारे में भारतीय टीम को काफी सोचने की जरूरत है।’
भारत के सामने चौथी पारी में 420 रन का लक्ष्य था लेकिन पूरी टीम 192 रन पर ही सिमट गई। भारत की ओर से विराट कोहली और शुभमन गिल के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं पाया। दोनों ने हाफ सेंचुरी लगाईं लेकिन यह भारत को बचाने के लिए काफी नहीं था।
-एजेंसियां

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