RCB की नाकामी के लिए गौतम और गावस्‍कर ने कोहली को जिम्‍मेदार ठहराया

नई दिल्‍ली। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्‍कर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL 2020 के 13वें सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर RCB के खिताब जीतने में नाकाम रहने के लिए कप्तान कोहली के बल्ले से खराब प्रदर्शन को भी जिम्मेदार माना है। गावस्‍कर ने कहा कि विराट खुद के स्थापित उच्च मानकों की बराबरी करने में नाकाम रहे।
गावस्‍कर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘विराट कोहली ने अपने लिए जो उच्च स्तर स्थापित किए हैं, उसे देखते हुए संभवत: वह भी कहेंगे कि उनकी बराबरी नहीं कर पाया। यही उन कारणों में से एक है जिसकी वजह से आरसीबी की टीम खिताब जीतने में एक बार फिर नाकाम रही क्योंकि जब वह एबी डि विलियर्स के साथ बड़ी पारियां खेलते हैं तो टीम बड़ा स्कोर बनाती है।’
आरसीबी कैप्टन कोहली ने 121.35 के स्ट्राइक रेट से 15 मैचों में 466 रन बनाए और उनकी टीम को अधिकांश समय बीच के ओवरों में रन बनाने के लिए जूझना पड़ा। महान बल्लेबाज गावस्‍कर ने कहा कि आरसीबी की गेंदबाजी में धार की कमी थी जिससे कि वे विरोधी टीमों को लगातार चुनौती देकर जीत दर्ज कर सके।
उन्होंने कहा, ‘गेंदबाजी हमेशा से उनका कमजोर पक्ष रहा है। इस टीम में आरोन फिंच भी हैं, जो अच्छे टी20 खिलाड़ी हैं, युवा देवदत्त पड्डिकल ने अच्छी शुरुआत की और फिर टीम में विराट कोहली और एबी डि विलियर्स हैं।’
71 वर्षीय गावस्‍कर का साथ ही मानना है कि टीम को ऐसा खिलाड़ी ढूंढना होगा जो फिनिशर की भूमिका निभा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि शिवम दुबे इस भूमिका में फिट हो सकते हैं। सनराइजर्स के खिलाफ हार आरसीबी की लगातार पांचवीं हार थी। टीम ने अपने शुरुआती 10 में से सात मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद राह भटक गई।
दरअसल, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर RCB का आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी जीतने के सपना एक बार फिर से टूट गया। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम आरसीबी को एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 6 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी।
शुक्रवार को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में डेविड वॉर्नर की टीम हैदराबाद ने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद केन विलियमसन (50*) की शानदार पारी की बदौलत बैंगलोर (131/7) को 6 विकेट से हरा दिया और क्वॉलिफायर-2 में जगह बनाई जहां उसकी भिड़ंत दिल्ली कैपिटल्स से होगी। बैंगलोर के लिए धुरंधर एबी डि विलियर्स ने 56 रन की पारी खेली लेकिन हैदराबाद के गेंदबाजों के सामने आरसीबी टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई।
इस हार के बाद पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर ने कहा कि यह बैंगलोर के लिए वक्त है कि वह कप्तानी के लिए विराट कोहली से आगे सोचे। उन्होंने कहा कि यदि वह बैंगलोर टीम के मैनेजमेंट में होते तो कोहली को कप्तानी से हटा देते।
कोहली ने 2013 में इस टीम की कप्तानी संभाली लेकिन तब से अब तक 8 सीजन में केवल 3 बार ही टीम प्लेऑफ तक पहुंच सकी। 2016 के सीजन में जरूर टीम रनर-अप रही लेकिन पिछले 2 सीजन में तो पॉइंट्स टेबल में अंतिम टीमों में शामिल रही।
दो बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान रहे गंभीर ने क्रिकइन्फो से कहा, ‘यह मौका है कि कोहली आगे आएं और इस परिणाम के लिए जिम्मेदारी लें।’
यह पूछे जाने पर कि यदि वह फ्रैंचाइजी के प्रभारी होते तो कप्तान बदल देते तो गंभीर ने कहा, ‘100 प्रतिशत, क्योंकि समस्या जवाबदेही के बारे में है। टूर्नामेंट में आठ साल (बिना ट्रॉफी के), आठ साल बहुत लंबा समय है। मुझे कोई भी अन्य कप्तान… कप्तान के बारे में भूल जाइए, मुझे कोई अन्य खिलाड़ी बता दीजिए जिसको आठ साल हो गए और खिताब ना जीता हो। यह जवाबदेही होनी चाहिए। एक कप्तान को जवाबदेही लेने की जरूरत है।’
उन्होंने कहा, ‘यह केवल एक साल की बात नहीं है। ना केवल इस साल के बारे में है। मैं विराट कोहली के खिलाफ नहीं हूं लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें अपना हाथ उठाने की जरूरत है और कहें- ‘हां, मैं जिम्मेदार हूं। मैं जवाबदेह हूं।’
गंभीर ने कहा, ‘आठ साल एक लंबा, बहुत लंबा समय है। रविचंद्रन अश्विन के साथ क्या हुआ। किंग्स इलेवन पंजाब के लिए (कप्तानी के दो साल) वह बेहतर नहीं दे पाए और उन्हें हटा दिया गया। हम एमएस धोनी के बारे में बात करते हैं, हम रोहित के बारे में बात करते हैं लेकिन हम विराट कोहली के बारे में बात करते हैं … बिल्कुल नहीं। धोनी ने तीन (आईपीएल) खिताब जीते हैं, रोहित शर्मा ने चार, यही कारण है कि उन्होंने इतने लंबे समय तक कप्तानी की क्योंकि उन्होंने साबित किया है। मुझे यकीन है कि अगर रोहित ने आठ साल तक साबित ना किया होता तो उन्हें भी हटा दिया जाता। अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग बात नहीं होनी चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘समस्या और जवाबदेही ऊपरी क्रम से शुरू होती है, मैनेजमेंट से नहीं और ना ही सपोर्ट स्टाफ से, बल्कि लीडर से। आप नेतृत्व करते हैं, आप कप्तान हैं। जब आपको श्रेय मिलता है तो आपको आलोचना का भी सामना करना चाहिए।’
सुनील गावस्कर बोले, विराट कोहली बल्ले से अपने ही स्टैंडर्ड्स की बराबरी नहीं कर पाए
-एजेंसियां

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