दीपावली से और भी भव्य होगी हर‍िद्वार में हर की पौड़ी पर Ganga Aarti

हर‍िद्वार। उत्तराखंड सरकार दीपावली से विश्व प्रसिद्ध हरकी पौड़ी पर Ganga Aarti को और भव्य बनाने जा रही है।

विश्व प्रसिद्ध हरकी पौड़ी पर होने वाली संध्या Ganga Aarti में अब कुछ और खास रंग भरे जायेंगे ज‍िसमें गंगा आरती में आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भजन संध्या का आनंद भी मिलेगा।

यह भव्य आयोजन शुरू करने की योजना बनाई गई है। हरकी पैड़ी पर दशकों से सायंकालीन गंगा आरती होती चली आ रही है।

इस आरती का आयोजन तीर्थ पुरोहितों की ओर से प्रतिदिन किया जाता है। 103 वर्ष पूर्व महामना मदन मोहन मालवीय के संयोजन में जब हरकी पैड़ी के प्रबंधन के लिए गंगा सभा का गठन किया गया, तब से यह आरती गंगा सभा ने शुरू की थी। यह आरती पहले सवेरे के समय भी होती है। इसके बाद दिन के मध्यकाल में गंगा मैया को भव्य भोग लगाने के बाद गंगा सभा प्रसाद वितरित करती है।

वहीं सायंकाल पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 11 विद्वान अपनी वाणी से समूचे ब्रह्मकुंड क्षेत्र को आनंद विभोर कर देते हैं। मंत्रोच्चारण के बाद गणवेशधारी पुरोहित एकत्रित तीर्थयात्रियों को गंगा रक्षा की शपथ दिलाते हैं। अपनी इसी अनोखी विशेषता के चलते गंगा आरती विश्व प्रसिद्ध है। अब इस गंगा आरती के आयोजन में भजन संध्या का एक और रंग जुड़ने जा रहा है।

देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मग्न करने के लिए विभिन्न वाद्य-यंत्रों द्वारा कलाकार भजन प्रस्तुत करेंगे। प्रतिदिन अनेक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देने आएंगे। गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि संगीत संध्या को भव्यता के साथ-साथ दिव्यता भी प्रदान की जाएगी। यह कार्यक्रम आरती के शपथ समारोह से एक घंटा पहले शुरू होगा। प्रस्तुतियां देने के लिए कलाकारों का चयन कर लिया गया है।

हरकी पैड़ी की गंगा आरती सबसे पुरानी है। इस आरती से प्रभावित होकर काशी के तीर्थ पुरोहितों ने 1952 में दशास्वमेध घाट की महाआरती शुरू की। इसी की तर्ज पर ऋषिकेश में गंगा की आरती शुरू हुई। हरिद्वार के दर्जन भर घाटों पर अब गंगा आरती की जाती हैं। हरिद्वार की आरती से प्रभावित होकर देश के अनेक तीर्थों पर आरती शुरू हुई। उज्जैन की शिप्रा आरती हरिद्वार से जाकर बसे मौनी बाबा ने शुरू की थी।

हरिद्वार आने वाले तीर्थयात्री गंगा की आरती में भाग लेना अपना परम सौभाग्य मानते हैं। देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां भी आरती में भाग लेती रही हैं। महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पंड़ित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, वीपी सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, रामनाथ कोविंद, प्रतिभा पाटिल आदि अनेक हस्तियों ने आरती में भाग लिया। आज भी हरिद्वार आए राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, न्यायमूर्ति, कलाकार आदि आरती में भाग लेना आवश्यक समझते हैं।

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