यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्‍यक्ष वसीम रिजवी ने सनातन हिंदू धर्म अपनाया

अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले वसीम रिजवी ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। वह वसीम रिजवी अब जितेंद्र नारायण त्यागी हो गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर में सोमवार को अपना धर्म परिवर्तन किया। इस दौरान के मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि ने कई अनुष्ठान किए।
धर्म परिवर्तन करने के बाद वसीम रिजवी ने कहा कि आज से वह सिर्फ हिंदुत्व के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमानों का वोट किसी भी सियासी पार्टी को नहीं जाता है। मुसलमान केवल हिंदुत्व के खिलाफ और हिंदुओं को हराने के लिए वोट करता है।

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मुसलमान सिर्फ हिंदुओं को हराने के लिए करता है वोट
वसीम रिजवी ने कहा कि मुगलों ने हमेशा परंपरा दी हिंदुओं को हराओ। जो पार्टी हिंदुओं को हराती है, मुसलमान एकजुट होकर उसे वोट करते हैं। मुसलमान सिर्फ और सिर्फ हिंदुओं को हराने के लिए वोट करता है।
15 दिन पहले हुई थी नरसिंहानंद से बात
रिजवी का धर्म परिवर्तन कराने वाले नरसिंहानंद गिरि ने बताया कि 15 दिन पहले उनके पास वसीम रिजवी का फोन आया। वह हैरान थे कि एक मुसलमान उन्हें फोन कर रहा है क्योंकि उनका मुसलमानों से कोई संपर्क नहीं रहता है।
तन, मन, धन से दें वसीम रिजवी का साथ
नरसिंहानंद ने कहा कि वसीम रिजवी ने उन्हें बताया कि उन्होंने एक किताब लिखी है उसका विमोचन होना है। वसीम से बात करके उन्हें अच्छा लगा और तब वह जान पाए कि वसीम कितने मानवतावादी और दिलेर व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को चाहिए तन, मन और धन से वसीम रिजवी का साथ दें।
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने सनातन धर्म को सबसे बेहतर बताते हुए कहा कि इस्लाम कोई धर्म नहीं है बल्कि एक आतंकी संगठन है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व ही सब धर्मों में सबसे बेहतर है।
माथे पर त्रिपुंड और भगवा शॉल ओढ़ वसीम रिजवी बने जितेंद्र त्यागी
माथे पर त्रिपुंड, भगवा बाना और मंदिर में पूजा करते हुए वसीम रिजवी ने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है। यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे वसीम रिजवी का नया नाम जितेंद्र नारायण त्यागी हो गया है। उन्होंने गाजियाबाद के डासना मंदिर में महंत यति नरसिंहानंद के समक्ष पूरे विधि-विधान से हिंदू धर्म अपनाया। कुछ दिन पहले ही उन्होंने ऐलान किया था कि वह सनातन धर्म अपनाएंगे।
वसीम रिजवी को मिला नया नाम
मंदिर में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने वसीम रिजवी का भगवा शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके बाद तय हुआ कि वसीम रिजवी त्यागी बिरादरी से जुड़ेंगे। वसीम रिजवी का नया नामकरण हुआ। नामकरण के बाद मंदिर में अनुष्ठानों का दौर हुआ।
-एजेंसियां

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