कैपिटल हिल की हिंसा में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीनेट से बरी

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने छह जनवरी को कैपिटल हिल में हुई हिंसा भड़काने के आरोपों से बरी कर दिया है.
ट्रंप पर महाभियोग का मुक़दमा चल रहा था लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी ने उन्हें दोषी क़रार दिए जाने से बचा लिया.
इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है.
बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने विचार रखे हैं. बयान में उन्होंने जो कुछ कहा है, उसे पढ़िए-
क़रीब दो हफ़्ते पहले की बात है जब मैंने और मेरी पत्नी जिल ने छह जनवरी को दंगों के दौरान कैपिटल हिल को बचाते हुए अपनी जान गँवाने वाले पुलिस अधिकारी ब्रियन सिकनिक को श्रद्धांजलि दी थी.
आज 57 सीनेटर्स (जिनमें रिपब्लिकन पार्टी के सात सदस्य भी शामिल हैं) ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को हमारे लोकतंत्र पर भयानक हमले के लिए दोषी माना है.
इससे पहले हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने के लिए वोट किया था.
हालाँकि आख़िरी वोट के बाद ट्रंप को दोषी नहीं माना गया लेकिन उन पर जो आरोप लगे, उनकी गंभीरता से कोई इंकार नहीं कर सकता.
जिन सांसदों ने ट्रंप को दोषी ठहराए जाने का विरोध किया, जैसे कि सीनेट के अल्पसंख्यक नेता मैक कॉनेल ने भी माना कि पूर्व राष्ट्रपति ने ‘अपने कर्तव्यों को बुरी तरह नज़रअंदाज़’ किया और वो कैपिटल हिल में हुई हिंसा भड़काने के लिए ‘नैतिक और राजनीति रूप से ज़िम्मेदार’ हैं.
आज रात मैं उन लोगों के बारे में सोच रहा हूँ जो उस रात बहादुरी से खड़े रहे. मैं उन सबके बारे में सोच रहा हूँ जिन्होंने उस रात अपनी जान गँवाई, जिनकी जान उस रात ख़तरे में पड़ी और जो आज भी उस रात के डर के साथ जी रहे हैं.
आज रात मैं उन सबके बारे में सोच रहा हूँ जिन्होंने हमारे लोकतंत्र को बचाने के लिए बहादुरी का प्रदर्शन किया. मैं उन सभी डेमोक्रेट और रिपब्लिक सदस्यों, चुनाव अधिकारियों, जजों, चुने हुए प्रतिनिधियों और चुनाव कर्मचारियों के बारे में सोच रहा हूँ जो चुनाव के पहले और बाद में बहादुरी से खड़े रहे.
हमारे इतिहास के इस दुखद अध्याय ने हमें यह याद दिलाया है कि लोकतंत्र नाज़ुक होता है और इसे हर हाल में बचाया जाना चाहिए.
इसने हमें याद दिलाया है कि हमें हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए. अमेरिका में हिंसा और कट्टरता की कोई जगह नहीं है. अमेरिकी नागरिक के तौर पर यह हम सभी का, ख़ासकर बड़ों का कर्तव्य और ज़िम्मेदारी है कि हम सच की रक्षा करें और झूठ को हराएं.
असभ्य युद्ध को ख़त्म करने और हमारे देश की आत्मा के घाव भरने का यही एक तरीका है.
भविष्य में हमारे सामने यही काम है और ये एक ऐसा काम है जिसे हम सबको मिलकर पूरा करना चाहिए. युनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका की तरह.
-BBC

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