Ashok Tanwar का हरियाणा कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा

चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पूर्व अध्‍यक्ष Ashok Tanwar ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रधान थे और टिकट बंटवारे की वजह से नाराज चल रहे थे। उन्होंने पार्टी की नई प्रदेश प्रधान कुमारी सैलजा पर टिकट बेचने का आरोप लगाया था। इसके विरोध में उन्होंने पार्टी में मिले सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था और बीते दिन ही उन्हें स्टार प्रचारक घोषित किया गया था। लेकिन शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए तंवर ने पार्टी ही छोड़ दी।

कांग्रेस भक्ति की जगह पार्टी में हुड्डा भक्ति चल रही
अशोक तंवर का कहना है कि क्या सिस्टम है इसका खुलासा होना चाहिए। मुझमें सही को सही कहने का जज्बा है। राहुल गांधी भी तो यही चाहते थे कि सब कुछ पारदर्शी हो, लेकिन कोई मान नहीं रहा है। कांग्रेस भक्ति की जगह पार्टी में हुड्डा भक्ति चल रही है।

अशोक तंवर ने ये भी साफ किया कि उन्हें सोनिया गांधी से कोई नाराजगी नहीं है। कौन मजबूत है ये समय बताएगा। पार्टी में मेरे साथी कहां जाएंगे, ये उनका अधिकार है। पार्टी में जमीनी नेताओं की बात नहीं सुनी जा रही है। जो कमेटी बनती है, उसमें भी अपनों को शामिल किया जाता है।

अशोक तंवर ने कहा कि सुनवाई के लिए पार्टी में सिस्टम बनाने की जरूरत है। अगर कांग्रेस हारती है तो वही लोग जिम्मेदारी लेंगे।

टिकट बंटवारे से नाराज चल रहे कांग्रेस हरियाणा प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। तंवर ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लंबे विचार विमर्श के बाद मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का कारण सभी कांग्रेसजनों और जनता को मालूम है।” गौरतलब है कि उन्होंने पिछले दिनों राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी में टिकट बेचे जाने का आरोप लगाया था। आपको बता दें कि गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था और आरोप लगाया था कि हरियाणा कांग्रेस अब ‘हुड्डा कांग्रेस बनती जा रही है।

तंवर ने गुरुवार को हरियाणा में टिकट बंटवारे में अपने समर्थकों की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए  विधानसभा चुनाव के लिए बनी  विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि कहा था कि वह पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करते रहेंगे। वह  चुनाव के लिए बनी प्रदेश चुनाव समिति सहित कई समितियों में शामिल थे।

उन्होंने कहा, “देश में लोकतंत्र है,  लेकिन हरियाणा में बड़े-बड़े राजघराने हैं। कुछ हमारी पाटीर्  में हैं और कुछ  लोग दूसरी पार्टी में हैं। मेरे खिलाफ असहयोग आंदोलन चलाया गया, इसके बावजूद लोकसभा  चुनाव में छह फीसदी वोट बढ़ा।” उन्होंने दावा किया कि हरियाणा  कांग्रेस अब’हुड्डा कांग्रेस’बनती जा रही है। उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि उन्हें पिछले दो महीने में छह बार भारतीय जनता पार्टी से बुलावा आ चुका है।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *