संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहली बार देववाणी संस्कृत का श्लोक गूंजा

नई द‍िल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज पहली बार देववाणी संस्कृत का श्लोक गूंजा, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संस्कृत में शुक्ल यजुर्वेद के शांति पाठ मंत्र के साथ अपने विचारों को शुरू किया। इस मंत्र के माध्यम से जगत के समस्त जीवों, वनस्पतियों और प्रकृति में शांति बनी रहे, इसकी प्रार्थना की गई है।

मंत्र इस प्रकार है। द्यौ: शांतिरंतरिक्षं शांति :पृथिवी शांतिराप: शांतिरोषधय: शांति:।।वनस्पतय: शांतिíवश्वे देवा: शांति‌र्ब्रह्म शांति: सर्वं शांति:, शांतिरेव शांति: सा मा शांतिरेधि ।। शांति: शांति: शांति:।।मंत्रोच्चारण के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस मंत्र की प्रकृति में महत्ता पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कोई ऐसी सर्वमान्य पद्धति नहीं है, जिसके माध्यम से जलवायु परिवर्तन और संघर्ष का आकलन किया जा सके। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि पहले 2020 तक जलवायु परिवर्तन के लिए सभी देशों को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जी-20 में भारत ही ऐसा देश है, जिसने जलवायु परिवर्तन के अपने लक्ष्यों को पूरा किया है। लक्ष्यों को ही पूरा नहीं किया, बल्कि पेरिस समझौते से आगे जाकर काम किया। भारत सौर ऊर्जा के मामले में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने वाला देश है।
– एजेंसी

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