बारिश के कारण देश के कई राज्‍यों में बाढ़ का संकट

नई दिल्‍ली। मानसूनी बारिश और पड़ोसी देश नेपाल से आए बाढ़ के पानी के मिलेजुले असर से देश के कई राज्‍यों में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। असम के अधिकांश जिले ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों की वजह से बाढ़ग्रस्‍त हो चुके हैं। बिहार में कोसी बैराज के सभी 56 गेटों को खोल देने के बाद राज्य में बाढ़ की स्थिति रविवार को और भयावह हो गई है। बाढ़ की वजह से बिहार में 4 और असम में 11 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी जिलों, यूपी के पूर्वी जिलों में भी नदियों का जलस्‍तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश ने पंजाब और हरियाणा के बड़े हिस्सों को भी प्रभावित किया है।
बिहार में कोसी बैराज के सभी गेट खुले
कोसी बैराज के सभी 56 गेटों को शनिवार रात खोल देने के बाद बिहार में बाढ़ की स्थिति रविवार को और भयावह हो गई है। पानी खतरनाक स्‍तर तक पहुंच गया है। दूसरी तरफ नेपाल में लगातार बारिश जारी है। प्रभावित इलाकों में मोबाइल और बिजली सेवाएं बाधित हुई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार दोपहर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश की वजह से बिहार की तमाम नदियों में बाढ़ का पानी 600 और गांवों में फैल चुका है। ये गांव सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जिलों के 55 ब्‍लॉक क्षेत्रों के 352 पंचायतों के तहत आते हैं। उत्‍तरी बिहार के इन नौ जिलों के करीब 18 लाख लोग बाढ़ की आपदा झेल रहे हैं।
सीतामढ़ी सबसे अधिक प्रभावित
इन सभी जिलों में सीतामढ़ी सबसे अधिक प्रभावित है जहां 11 लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। इसके बाद अररिया का स्‍थान है जहां 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने रविवार शाम को जानकारी देते हुए कहा, ‘अररिया, शिवहर और किशनगंज जिलों में बाढ़ की वजह से अब तक चार लोगों की मौत हुई है। इनमें से दो मौतें अररिया में हुई हैं जहां आठ ब्‍लॉकों की 83 पंचायतों पर बाढ़ का सबसे ज्‍यादा असर हुआ है।’
छह जिलों में 152 राहत शिविर खोले
अधिकारियों ने छह जिलों में 152 राहत शिविर खोले हैं जहां करीब 45 हजार लोग शरण लिए हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्‍ध कराने के लिए बाढ़ग्रस्‍त नौ जिलों में से सात में 251 सार्वजनिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं।
नेशनल डिजास्‍टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्‍टेट डिजास्‍टर रिस्‍पॉन्‍स फोर्स (एसडीआरएफ) की कुल 19 टीमें बाढ़ग्रस्‍त इलाकों में बचाव कार्य में हिस्‍सा ले रही हैं। सबसे ज्‍यादा चार टीमें सीतामढ़ी जिले में तैनात की गई हैं, इसके बाद मधुबनी और दरभंगा में तीन-तीन टीमें काम कर रही हैं।
सीएम नीतीश कुमार ने किया हवाई सर्वे
इससे पहले रविवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पटना स्थित आवास पर वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्‍यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कि वे सतर्क रहे और 24 घंटे बिहार में बाढ़ के लिए जिम्‍मेदार कारकों पर नजर रखें।
नी‍तीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग से कहा है कि राहत कैंप खोले जाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं ताकि प्रभावित लोगों को शरण दी जा सके। बाद में मुख्‍यमंत्री पांच बाढ़ग्रस्‍त जिलों दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण का हवाई सर्वे भी किया। नीतीश ने बचाव और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
-एजेंसियां

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