अदालत के आदेश से मुंबई में गूगल के CEO सहित 5 अन्‍य पर FIR दर्ज

महाराष्ट्र की एक अदालत के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने बुधवार को कॉपीराइट अधिनियम के उल्लंघन के लिए गूगल के CEO सुंदर पिचाई और उनकी कंपनी के पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। फिल्म निर्देशक सुनील दर्शन ने अपनी शिकायत में कहा कि गूगल ने अनधिकृत व्यक्तियों को उनकी फिल्म ‘एक हसीना थी एक दीवाना था’ को यूट्यूब पर अपलोड करने की अनुमति दी थी। वहीं, इस संबंध में एफआइआर दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। गौरतलब है कि साल 2014 के अगस्त में सुंदर पिचाई गूगल के हेड बने थे। इसके बाद साल 2019 में सुंदर पिचाई को गूगल के साथ ही एल्फाबेट का सीईओ बना दिया गया। उन्होंने आइआइटी खड़गपुर से पढ़ाई की है।
एल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने चेतावनी दी थी कि दुनियाभर में स्वतंत्र व मुक्त इंटरनेट पर हमले हो रहे हैं और कई देश सूचनाओं के प्रवाह को बाधित कर रहे हैं। एक साक्षात्कार में पिचाई ने सीधे चीन का नाम लिए बगैर कहा कि कई देश सूचनाओं के प्रवाह को बाधित कर रहे हैं और मॉडल को हल्के में लिया जाता है। उन्होंने कहा था कोई भी हमारा प्रमुख उत्पाद या सेवाएं चीन में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि इंटरनेट के भविष्य का निर्धारण करने की जिम्मेदारी किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि सामूहिक थिंक टैंक पर होनी चाहिए जो स्वतंत्र इंटरनेट के बुनियादी स्तंभों को ध्यान में रखते हुए भविष्य निर्धारित करे। पिचाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आग, बिजली या इंटरनेट से ज्यादा गहन है। उन्होंने कहा कि मैं इसे सबसे गहन तकनीक के रूप में देखता हूं जिसे मानवता कभी विकसित करेगी और जिस पर काम करेगी। उनकी जड़ों के बारे में पूछे जाने पर 49 वर्षीय पिचाई ने कहा कि मैं अमेरिकी नागरिक हूं, लेकिन भारत मुझमें गहरे तक है इसलिए मैं जो हूं उसका यह बड़ा हिस्सा है।
-एजेंसियां

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