भगवान राम से तुलना करने पर Mayawati के खिलाफ एफआईआर

नई दिल्‍ली। मर्यादा पुरुषोत्‍तम भगवान राम से अपनी तुलना करने पर बहुजन समाजवादी पार्टी नेता Mayawati के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली के नांगलोई थाने में एफआईआर दर्ज की गई। Mayawati के खिलाफ पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि बसपा नेता ने खुद को राम के बराबर बताया है जो हिंदुओं की भावनाओँ को आहत करने वाला है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है।

दिल्ली के नांगलोई में रहने वाले और अनुसूचित जाति वर्ग के चत्तर सिंह रछौया ने बताया कि मायावती के खिलाफ जनता के धन से अपनी मूर्ति बनवाने का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। अपने बचाव में मायावती ने कहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ की सरकार भगवान राम की मूर्ति बनवा सकती है तो वे अपनी मूर्तियां क्यों नहीं बनवा सकतीं।

रछौया के मुताबिक यह सुनकर उनकी भावनाओं को ठेस लगी है जिसके कारण उन्होंने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भगवान राम 100 करोड़ हिंदुओं के आराध्य हैं। मायावती को अपनी तुलना राम से नहीं करनी चाहिए। वे अपने भ्रष्टाचार के बचाव में भगवान को भी उसी दलदल में घसीट रही हैं जो बेहद आपत्तिजनक मामला है।

चत्तर सिंह रछौया ने मामले की प्राथमिकी नांगलोई थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने इसकी सूचना उपायुक्त और सूचना आयोग को भी दी है। उनके मुताबिक पुलिस ने उन्हें इस मामले में जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

मायावती ने भगवान राम की मूर्ति से अपनी तुलना करते हुए कहा था कि भगवान राम की मूर्ति लग सकती है तो मेरी क्यों नहीं।
लखनऊ के अंबेडकर पार्क में मायावती की मूर्तियां लगाने पर सुप्रीम कोर्ट में मायावती की तरफ से जो हलफनामा दायर किया गया है उसमें काफी चौंकाने वाली बातें हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब हलफनामा दिया है। अपने एफिडेविट में मायावती ने कहा है कि जब भगवान राम की मूर्ति बन सकती है तो उनकी मूर्ति क्यों नहीं लग सकती।

मायावती ने दलील दी है कि अपने समाज के लिए उन्होंने शादी नहीं की और पूरी जिंदगी बहुजन मिशन के साथ जुड़ने का फैसला किया। इसी त्याग की वजह से उनकी मूर्तियां लगाना सही है।

-एजेंसी

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