Genpact के एवीपी सुसाइड केस में कंपनी अधिकारियों के खिलाफ FIR

नई दिल्‍ली। नोएडा की एक आईटी कंपनी Genpact के असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट (एवीपी) स्वरूप राज द्वारा अपने घर में फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने कंपनी के मैनेजमेंट समेत कंपनी में काम कर रही दो महिलाओं के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि यौन शोषण की जांच करने वाली Genpact कंपनी की इंटरनल कम्प्लैंट कमिटी (आईसीसी) के सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

दो महिला सहकर्मियों लगाया था यौन शोषण का आरोप-

कुछ दिन पहले कंपनी में साथ काम कर रही दो महिलाओं ने स्वरूप राज पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। यौन शोषण का आरोप लगने के बाद जिस दिन कंपनी ने स्वरूप राज को नौकरी से निकाला उसी दिन रात को उसने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। यौनशोषण का आरोप लगाने वाली दो सहकर्मी महिलाओं ने ठीक इसी दिन स्वरूप राज के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी।

स्वरूप राज जेनपैक्ट नाम की कंपनी में पिछले 11 साल से काम कर रहे थे। 18 दिसंबर की रात उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी थी। स्वरूप की पत्‍नी कृति जब घर लौटीं तो देखा कि स्वरूप का शव फंद से लटक रहा है। इसके बाद उन्होंने देखा तो पास में सुसाइड नोट भी पड़ा था।

सुसाइड नोट में लिखा किसी को मुंह दिखाने की हिम्मत नहीं बची-

इस सुसाइड नोट में पत्‍नी कृति को संबोधित करते हुए दावा किया गया था कि वह पूरी तरह से निर्दोष है लेकिन यौन शोषण जैसे बड़े लांछन के साथ वह जीवित नहीं रह सकता। उन्होंने लिखा, ‘सभी आरोप आधारहीन हैं और वह इस बारे में पूरी कंपनी को पता है। फिर भी मेरे अंदर किसी को मुंह दिखाने का साहस नहीं बचा है। मैं चाहता हूं कि स्ट्रांग बनो और अपना जीवन आत्मसम्मान के साथ जियो क्योंकि तुम्हारे पति ने तुम्हारे लिए कुछ नहीं किया।’ उन्होंने सुसाइड नोट हाथ से लिखा था।

घटना के बाद स्वरूप राज की पत्‍नी पुलिस के पास गईं और कंपनी के खिलाफ गलत तरीके से नौकरी से बर्खास्त करने की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने कंपनी के जिम्मेदार और मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। स्वरूप राज की पत्‍नी कृति भी जेनपैक्ट कंपनी की उसी ऑफिस में बतौर मनैजमेंट ट्रेनी काम करती हैं।
-एजेंसी

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