हिन्दू त्योहारों का दुष्प्रचार करने वालों का आर्थिक बहिष्कार हो

सनातन हिन्दू धर्म के सभी त्योहार, उत्सव और व्रत पर्यावरणपूरक, साथ ही मानवों के लिए हितकारी है; परंतु साम्यवादी, जिहादी, मिशनरी, फिल्मी अभिनेता, सेक्युलर और नास्तिक लोग जानबूझकर हिन्दू धर्म को निशाना बनाने वाले अभियान चलाते हैं। ‘पीके’ फिल्म में अभिनेता आमिर खान कहता है कि ‘पत्थर (शिवपिंड) दूध नहीं पीते, उसे गरीबों को दें’ परंतु ‘मरे हुए को ठंड नहीं लगती, तो मजार पर चादर क्यों चढ़ाते हैं ? उसे गरीबों को दान दें’, ऐसा क्यों नहीं कहता ? होली आई तो ‘पानी की बचत करो’, दीपावली आई तो ‘वायु प्रदूषण न करें’, ऐसा प्रत्येक त्योहार के समय प्रचार किया जाता है। ‘पेटा’ वाले कहते है ‘मकर संक्रांति को पतंग न उडाएं क्योंकि पतंग के कारण पक्षी मरते है’ परंतु पूरे वर्ष मोबाईल का उपयोग करने से सर्वाधिक पक्षी मरते हैं। उस विषय में वे क्यों नहीं कुछ कहते ? हिन्दुओं को संगठित होकर इन हिन्दू धर्म विरोधियों के आरोपों का सामाजिक माध्यमों पर वैचारिक खंडन करना चाहिए। विज्ञापन द्वारा दुष्प्रचार करने वालों का आर्थिक बहिष्कार करना चाहिए। ऐसा करने पर कोई भी हिन्दू धर्म की ओर टेढी नजर से नहीं देखेगा, ऐसा स्पष्ट प्रतिपादन सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने किया। हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू त्योहारों के विषय में दुष्प्रचार तथा उनका वैज्ञानिक महत्त्व’ इस विषय पर आयोजित ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।

संवाद में जयपुर के ‘ज्ञानम् फाऊंडेशन’ के संस्थापक  दीपक गोस्वामी ने कहा कि चलचित्रों द्वारा हिन्दू धर्म को निशाना बनाया जा रहा है । पुजारी को बलात्कारी तथा कुख्यात गुंडे को ‘जय भवानी’ कहते हुए दिखाया जाता है। इसलिए हिन्दू संभ्रमित होकर धर्म से दूर जा रहे हैं। हिंदुओं को धर्म की उचित शिक्षा देने पर वे ऐसे दुष्प्रचार में नहीं फंसेंगे। धर्म पर आक्रमण करने वाले ऐसे चलचित्रों का हिन्दुओं को बहिष्कार करना चाहिए। हमारे हिन्दू धर्म, संस्कृति और त्योहार का ज्ञान विज्ञान पर आधारित होने से पाश्चात्य लोग उसे स्वीकार कर रहे हैं। यह हिंदुओं के ध्यान में आने पर वे अन्य पंथों की ओर आकृष्ट नहीं होंगे।

‘लश्‍कर-ए-हिंद’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद खंडेलवाल ने कहा कि जलीकट्टू, नागपंचमी इत्यादि त्योहार-उत्सवों के समय प्राणियों को हानि पहुंचाई जाती है, ऐसा कहने वालों को हिन्दू धर्म का खरा ज्ञान नहीं है। हिन्दू धर्म में केवल देवता ही नहीं बल्कि पशु, पक्षी, प्रकृति इत्यादि सभी की पूजा की जाती है। ऐसे में हम प्राणियों को कैसे हानि पहुंचा सकते हैं? हिन्दू धर्म के कारण ही भारत में धर्मनिरपेक्षता और न्याय व्यवस्था बनी हुई है। अन्य पंथियों के त्योहार के समय होने वाली हानियों के विषय में कोई कुछ क्यों नहीं बोलता? दीपावली पर पटाखे फोडने पर प्रतिबंध लगाया जाता है परंतु ‘आई पी एल’ क्रिकेट मैच के समय, साथ ही आर्यन खान को छोडने पर पटाखे फोड़ने पर कोई आपत्ति क्यों नहीं उठाता ? केवल हिंदुओं के त्योहारों पर ही क्यों आपत्ति उठाई जाती है। यह सभी नियोजित पद्धति से जारी है। हिन्दुओं को संगठित होकर इसका विरोध करना चाहिए।

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