आखिरकार ब्रिटिश पब्लिशर से हुई रतन टाटा की बायोग्राफी के लिए डील

वैसे तो देश के सबसे चहेते उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा का जीवन खुले पन्ने की तरह है लेकिन फिर भी देश-दुनिया के लोग उनकी निजी जिंदगी से जुड़े हर पहलू को जानने के लिए बेकरार रहते हैं। यही वजह है कि उनकी अधिकृत जीवनी को छापने के लिए दुनियाभर के पब्लिशिंग हाउसेज में होड़ मच गई। आखिरकार ब्रिटिश पब्लिशर हार्परकॉलिंस (HarperCollins) ने सबको पछाड़ते हुए यह डील अपने नाम कर ली।
सूत्रों के मुताबिक हार्परकॉलिंस ने टाटा संस के चेयरमैन एमिरेटस रतन टाटा की बायोग्राफी छापने के लिए भारत के इतिहास की सबसे बड़ी नॉन-फिक्शन डील साइन की है। यह किताब नवंबर 2022 में आएगी। माना जा रहा है कि इसमें टाटा की महत्वाकांक्षी नैनो परियोजना, टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) के साथ विवाद और ब्रिटिश कंपनी कोरस (Corus) के अधिग्रहण के बारे में कई चीजें निकलकर सामने आ सकती हैं।
कौन लिखेगा जीवनी
1937 में जन्मे रतन नवल टाटा 1961 में कपंनी से टाटा ग्रुप से जुड़े थे और 1991 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने कई ऊंचाइयां हासिल की। इस दौरान टाटा ग्रुप ने कोरियाई कंपनी Daewoo, लंदन की कंपनी Tetley Tea, Jaguar Land Rover और स्टील कंपनी Corus Group का अधिग्रहण किया।
Ratan N. Tata: The Authorized Biography के लेखक पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ थॉमस मैथ्यू हैं। भारत में यह किताब HarperCollins India अंग्रेजी और दूसरी प्रमुख भारतीय भाषाओं में प्रकाशित करेगी। अमेरिका में इसे HarperCollins Leadership और ब्रिटेन में William Collins छापेगी। हालांकि इस किताब पर फिल्म या वेब सीरीज बनाने के अधिकार लेखक के पास ही रहेंगे।
कितने में खरीदे अधिकार
हालांकि HarperCollins ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि उसने पब्लिशिंग राइट्स कितने में खरीदे हैं लेकिन बिजनस अखबार Mint ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस किताब के प्रिंट, ऑडियोबुक और ई-बुक फॉर्मेट के वैश्विक अधिकार के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई गई थी।
रतन टाटा की जीवनी लिखने का मौका पूर्व नौकरशाह थॉमस मैथ्यू को मिला है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान उन्हें रतन टाटा के फोटो, प्राइवेट पेपर्स और पत्रों का एक्सेस रहा है। मैथ्यू इससे पहले दो किताबें Abode Under the Dome और The Winged Wonders of Rashtrapati Bhavan लिख चुके हैं।
सचिन की बायोग्राफी के लिए मची थी होड़
इससे पहले देश में दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की जीवनी छापने के लिए बहुत ज्यादा होड़ देखने को मिली थी। सचिन की बायोग्राफी Playing it My Way साल 2014 में आई थी जिसे Hachette India ने छापा था। अमूमन पब्लिशिंग हाउसेज लेखक से राइट्स लेने के लिए एडवांस अमाउंट देते हैं। किताब की बिक्री से पैसों की वसूली होने के बाद लेखक को रॉयल्टी मिलनी शुरू होती है। यह राशि सेल्स प्राइस की 5 से 15 फीसदी के बीच होती है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *