राजस्‍थान प्रदेश कांग्रेस में घमासान जारी, पायलट गुट के रमेश मीणा बागी

जयपुर। एससी-एसटी विधायकों से भेदभाव वाले बयान ने अब तूल पकड़ लिया है। वहीं पायलट खेमे के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा के बगावती तेवर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं लिहाजा प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस पूरे विवाद को हल करने के लिए खुद प्रियंका गांधी ने कमान संभाल ली है। जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी के दफ्तर ने इस पूरे प्रकरण में राजस्थान कांग्रेस से रिपोर्ट मांगी है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल राजस्थान कांग्रेस में बगावत के बाद सचिन पायलट और उनके 18 समर्थक विधायकों की कांग्रेस में दोबारा एंट्री करवाने में प्रियंका गांधी ने अहम भूमिका निभाई थी।
यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि पायलट खेमे के सीनियर विधायक रमेश मीणा ने विधानसभा में चल रही कार्यवाही के दौरान यह आरोप लगाया कि सरकार एससी-एसटी और अल्पसंख्यक विधायकों के साथ भेदभाव करती है। इससे पहले भी स्पीकर सीपी जोशी और रमेश मीणा की भी सदन में इस मामले को लेकर तीखी बहस हुई थी। रमेश मीणा ने इस दौरान कहा था कि वो भ्रष्टाचार का एक मामला उठाना चाहते थे लेकिन उठा नहीं पाए। यही नहीं, मीणा ने इस दौरान यह आरोप भी गहलोत सरकार पर जड़ा कि सत्ताधारी पार्टी के दलित विधायकों को विधासनभा के सदन में ऐसी सीटें दी जा रही हैं, जिन पर माइक नहीं है।
इस्तीफे तक कर दी बात
आपको बता दें कि रमेश मीणा यहीं पर ही नहीं रुके, उन्होंने यह तक कहा कि कांग्रेस विधायकों की समस्या राहुल गांधी के सामने रखने के लिए समय मांगा है, यदि हमारी सुनवाई नहीं हुई तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। जानकारों की मानें तो उनके इस्तीफे के बात करने के बाद से ही राजस्थान कांग्रेस में खलबली मची हुई है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि आगामी दिनों में प्रदेश की चार सीटों पर उपचुनाव होने वाले है। ऐसे में पार्टी एकजुटता का संदेश देने चाहती है। यही वजह बताई जा रही है कि पूरे मामले को प्रियंका गांधी ने संज्ञान में लिया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका गांधी ने दफ्तर से इस पूरे प्रकरण में राजस्थान कांग्रेस से रिपोर्ट मांगी गई है।
इधर नरम पड़े समर्थक विधायकों के तेवर
आपको बता दें कि रमेश मीणा के इस बयान के बाद पायलट गुट के दो विधायक भी मुरारी लाल मीणा और वेद प्रकाश सोलंकी भी उनके समर्थन में आ गए। उन्होंने भी मंत्रियों और सरकार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया था। हालांकि अगले दिन ही दो विधायकों का रुख नरम पड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री उनकी बात नहीं सुनते, इस संबंध में सीएम गहलोत को भी अवगत करवा चुके हैं। वेद प्रकाश सोलंकी ने शनिवार को दिए अपने बयान में भी कहा कि वो एसटी-एससी के मुद्दे पर रमेश मीणा के साथ हैं।
पायलट खेमे के विधायकों का कहना, सीएम और पार्टी से नहीं नाराजगी
रमेश मीणा के बयान के बाद जहां पार्टी में खलबली मची हुई है। वहीं मीणा लगातार अपने ट्वीट्स के जरिए आवाज बुलंद रखने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि उनके तेवर पहले के बयानों से थोड़े नरम नजर आ रहे हैं। रमेश मीणा ने लिखा “मैं कांग्रेस को कमजोर करने वाली हरकतों के खिलाफ आवाज उठा रहा हूं। आप कांग्रेस की बैकबोन वाले वर्गों के विधायकों को विधानसभा में बोलने नहीं दो। मंत्री उनसे मिले नहीं। उनसे बदतमीजी से बात करें तो कांग्रेस को कमजोर करने का इससे बड़ा कृत्य क्या हो सकता है। वेद प्रकाश सोलंकी ने भी कहा सीएम से हमारी कोई नाराजगी नहीं, सिर्फ मंत्रियों से है।”
याद दिलाया वादा
आपको बता दें कि जहां एक ओर जहां ये सूचना है कि प्रियंका गांधी की ओर से इस पूरे मामले की जानकारी मागी गई है। वहीं रमेश मीणा ने प्रियंका गांधी को उनका वादा याद दिलाया है। विधायक रमेश मीना ने कहा कि पिछले साल प्रियंका गांधी से जब पायलट व उनके समर्थक विधायकों की बात हुई थी तो उन्होंने भरोसा दिया था कि हमारी समस्याओं का जल्द समाधान होगा, पर अब तक नहीं हुआ।
-एजेंसियां

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