मदर टेरेसा द्वारा स्थापित MOC का FCRA पंजीकरण बहाल

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मदर टेरेसा की ओर से स्थापित मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी MOC के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का पंजीकरण बहाल कर दिया है.
दिसंबर के आख़िर में कई अन्य ग़ैर-सरकारी संगठनों के साथ मिशनरीज़ के पंजीकरण का नवीनीकरण रोकते हुए सरकार ने उसके बैंक खातों पर रोक लगा दी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की आलोचना की थी जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था.
तब गृह मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा था कि नवीनीकरण के आवेदन में कुछ प्रतिकूल जानकारियों की वजह से 25 दिसंबर को मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA पंजीकरण का नवीनीकरण करने से मना कर दिया गया है. इसका लाइसेंस 31 अक्टूबर तक वैध था लेकिन कई अन्य संगठनों के साथ इसकी भी वैधता बढ़ा दी गई थी.
कोलकाता मुख्यालय वाले एमओसी की स्थापना मदर टेरेसा ने 1950 में की थी. विदेशों से चंदा हासिल करने और उसे खर्च करने के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई लोगों ने केंद्र के इस फैसले पर हैरत जताते हुए इसकी आलोचना की थी.
एमओसी की ओर से उस समय जारी बयान में कहा गया था कि मामले को सुलझाने के लिए विशेषज्ञों और ऑडिटर से सलाह ली जा रही है ताकि FCRA के तहत लाइसेंस का नवीनीकरण हो सके.
इस मामले पर बढ़ते विवाद के बीच ममता ने अपने एक ट्वीट में कहा था, “मैं यह सुनकर स्तब्ध हूं कि क्रिसमस के मौके पर केंद्रीय मंत्रालय की ओर से देश में मदर टेरेसा के मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के सभी बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया गया. देश में भले ही कानून सर्वोपरि है, लेकिन मानवीय प्रयासों से भी समझौता नहीं किया जाना चाहिए.”
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *