विदेशी चंदे का ब्यौरा न देने वाले 1807 एनजीओ का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द

नई द‍िल्ली। सरकार ने इस साल देशभर के करीब 1800 एनजीओ और शिक्षण संस्थानों का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द कर द‍िया है। केंद्र सरकार ने FCRA (फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) के तहत रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया। इसके तहत अब इन संस्थाओं को विदेशी चंदा नहीं मिल पाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक इन संस्थानों में इंफोसिस फाउंडेशन, राजस्थान विश्वविद्यालय, इलाहाबाद कृषि संस्थान, वाईएमसीए, गुजरात एंड स्वामी विवेकानंद एजुकेशनल सोसायटी आदि शामिल हैं।

इंफोसिस फाउंडेशन का रजिस्ट्र्रेशन रद्द
बंगलूरू स्थित एनजीओ इंफोसिस फाउंडेशन का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया गया। यह कार्रवाई खुद एनजीओ की ओर से की गई मांग के आधार पर की गई। इंफोसिस फाउंडेशन के अधिकारी ने बताया कि 2016 में एफसीआरए अधिनियम में हुए संशोधन के बाद से उनका एनजीओ एफसीआरए के दायरे से बाहर हो गया था।
नहीं दिया विदेशी चंदे का ब्यौरा
गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द होने के साथ ही इन संस्थानों के विदेशों से आर्थिक मदद लेने पर रोक लग गई। बार-बार मांगने के बावजूद पिछले छह साल में विदेशी फंडिंग से होने वाली आय और खर्चे का ब्योरा देने में नाकाम रहने के कारण इन संस्थाओं के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
यह है एफसीआरए का नियम
एफसीआरए के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पंजीकृत संस्थाओं को वित्त वर्ष समाप्त होने के नौ महीनों के भीतर ऑनलाइन रिपोर्ट जमा करनी होती है जिसमें विदेशों से होने वाली आय और खर्च का पूरा विवरण देना होता है। इनमें रसीदें और भुगतान खाता, बैलेंस शीट आदि की स्कैंड कॉपी भी दाखिल करनी होती हैं। विदेशी चंदा नहीं प्राप्त करने वाली संस्थाओं को भी रिपोर्ट दाखिल करनी होती है और रिटर्न दाखिल करना होता है।
इन संस्थानों पर भी गिरी गाज
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोकेयर एंड रिसर्च, तेलंगाना के नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, महाराष्ट्र के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी, पश्चिम बंगाल के रबींद्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च और महाराष्ट्र के बापटिस्ट क्रिश्चियन एसोसिएशन जैसे संस्थानों का भी रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है।

– एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *