मशहूर शायर और गीतकार डॉ. निर्मल दर्शन का निधन

मशहूर शायर और गीतकार डॉ. निर्मल दर्शन का शनिवार को हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से भी पीड़ित थे। निर्मल दर्शन ने आगरा के राधास्वामी सत्संग भवन में अंतिम सांस ली। उन्होंने देहदान की घोषणा की थी इसलिए उनका पार्थिक शरीर लखनऊ लाया गया। निर्मल दर्शन की उम्र मात्र 48 साल ही थी और उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा 4 साल की बेटी भी है।
उनके निधन से साहित्य जगत में शोक व्याप्त हो गया। डॉ. कुमार विश्वास ने निर्मल दर्शन के निधन पर यह भावुक पोस्ट किया है कि- “बेहद सरल और भावुक मनुष्य, मेरा प्यारा कवि, छोटा भाई निर्मल दर्शन लखनऊ में कैंसर से जंग हार गया। गले में एक भीगा ज्वार सा अटक गया है। तुम कम जिए निर्मल पर भरपूर जिए, बीमारी से मुस्कुराते हुए लड़े। रो रहा हूं और तुम्हारा गीत गा रहा हूं”
उनको याद करते हुए पेश हैं उनकी कुछ चुनिंदा रचनाएं

ये दिल सब कुछ गंवाना चाहता है
न जाने क्या ये पाना चाहता है

वो आंसू तो बहाना चाहता है
मगर कोई बहाना चाहता है

वो बैठा है ग़मों को याद करने
वो शायद मुस्कुराना चाहता है

कफ़स हो या हो कोई आशियाना
परिंदा तो ठिकाना चाहता है

मुसलसल उम्र भर खामोश रह कर
वो आख़िर क्या बताना चाहता है

तुम्हें तो पाके भी इक रोज़ खोना बाकी है
ये वो हंसी है कि जिसका रो ना बाक़ी है

कुछ और ज़ुल्म-ओ-सितम हों तो वो भी कर लीजे
हमारे दिल का एक कोना अभी बाक़ी है

अभी न छीनो उजाले हमारी आंखों के
अभी को ख़्वाब की ताबीर होना बाक़ी है

पहले दिल तो जलाया गया
और फिर मुस्कुराया गया

प्यार के एक पल के लिए
उम्र भर आज़माया गया

मुझको पहले सजा दी गयी
फिर अदालत में लाया गया

मौत से आंख क्या मिल गयी
सारा अपना पराया गया
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »