हिंसा रोकने में फेल इमरान सरकार ने सोशल मीडिया बैन किया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों को रोकने में फेल हुई इमरान खान सरकार ने लोगों की अभिव्यक्ति पर ही प्रतिबंध लगा दिया है।
पाकिस्तानी सरकार के आदेश के अनुसार, देश में ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सएप और टेलीग्राम की सर्विसेज सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक उपलब्ध नहीं रहेंगी। पाकिस्तानी आंतरिक मंत्रालय (गृह मंत्रालय) ने एक बयान जारी कर प्रतिबंधों की पुष्टि की है।
इमरान सरकार हिंसा रोकने में हुई फेल
इमरान खान सरकार ने देश में कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पाकिस्तानी पुलिस उपद्रवी भीड़ के आगे सरेंडर करती हुई दिख रही है। हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित शहरों में लाहौर, कराची और इस्लामाबाद शामिल हैं। इन हिंसक विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के मुखिया साद रिजवी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रतिबंधित किया गया कट्टरपंथी संगठन TLP
उसके संगठन को भी हिंसा फैलाने के आरोप में आतंकवाद अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया जा चुका है। फिर भी पाकिस्तान के कई शहरों में हजारों लोग साद रिजवी की रिहाई को लेकर सड़कों पर हैं। इमरान खान ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें टीएलपी पर प्रतिबंध लगाने की गृह मंत्रालय की रिपोर्ट को मंजूर कर लिया गया। टीएलपी को 2018 के आम चुनाव में 25 लाख वोट मिले थे।
हिंसक प्रदर्शनों में अबतक 7 की मौत
पाकिस्तान में हिंसा और झड़पों के दौरान अबतक सात लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पार्टी समर्थकों ने फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने के लिये इमरान खान सरकार को 20 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने सोमवार को पार्टी के प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद टीएलपी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
फ्रांस ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान छोड़ने को कहा
फ्रांस ने अपने नागरिकों को तुरंत पाकिस्तान छोड़ने की सलाह दी है। इस्लामाबाद में स्थित फ्रांसीसी दूतावास ने एक ईमेल के जरिए बताया है कि उनके ऊपर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जिसके कारण अगर कोई फ्रांसीसी नागरिक पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में रहता हो तो वह तुरंत ही दूसरे देश रवाना हो जाए। पाकिस्तान के कई शहरों में इन दिनों कट्टरपंथी संगठन फ्रांस से राजनयिक संबंध तोड़ने को लेकर उग्र विरोध कर रहे हैं।
-एजेंसियां

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