KD मेडिकल कॉलेज में मेडिकल एथिक्स पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

मथुरा। के. डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में उत्तर प्रदेश के शासनादेश के परिपालन में मेडिकल एथिक्स पर आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारम्भ डॉ. मंजू पाण्डेय, विशेषज्ञ शिशु शल्य चिकित्सक डॉ. श्याम बिहारी शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. दीपिका भारद्वाज इंटर्न सर्जरी आदि द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

मानुष हो तो वही रसखान बसौं ब्रज गोकुल गांव के ग्वारन… कवि रसखान के सवैये से विशेषज्ञ शिशु शल्य चिकित्सक डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने सभागार में उपस्थित लोगों को प्रणाम करते हुए कहा कि धन्य हैं वे लोग जो ब्रजभूमि स्थित के. डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही धन्यवाद उनका भी जिसके कारण चिकित्सकों को यह अवसर मिला है। डॉ. शर्मा ने आर. के. एजुकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल के अथक प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। मूलतः जयपुर निवासी डॉ. शर्मा ने कहा कि वह चाहते हैं कि अगला जन्म उनका गोवर्धन या वृन्दावन के आसपास ही हो।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने चिकित्सकों के नैतिक मानदण्डों के बारे में चर्चा की। संगोष्ठी को डॉ. श्याम बिहारी शर्मा, विभागाध्यक्ष जनरल सर्जरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. अथर शमीम, सहायक आचार्य, निश्चेतना विभाग, डॉ. मंजू पाण्डेय, आचार्य जनरल मेडिसिन विभाग, डॉ. वी. पी. पाण्डेय आचार्य प्रसव एवं प्रसूति विभाग, डॉ. आनंद गुप्ता हड्डी रोग विभाग, डॉ. दीपिका भारद्वाज इंटर्न जनरल सर्जरी, डॉ. अमूल्य शर्मा इंटर्न जनरल सर्जरी तथा विनोद लोधी नर्सिंग स्टॉफ जनरल सर्जरी आदि ने सम्बोधित किया। संगोष्ठी में सभी ने एकमत से माना कि रोगी के प्रति दया, संवेदनशीलता, जवाबदेही तथा उसकी नियमित देखभाल ही सही मायने में चिकित्सकीय नैतिकता है। सेमिनार में सभी चिकित्सक वक्ताओं ने माना कि मरीज के लिए चिकित्सक का व्यावहारिक रवैया, शुरू में देखभाल, सहायता, समर्थन पर केंद्रित है लिहाजा पेशेवर चिकित्सा नैतिकता की मुख्य विशेषता है।

वक्ताओं ने माना कि मानवता न केवल एक पेशे को चुनने के लिए मौलिक मानदण्ड है बल्कि चिकित्सा गतिविधि की सफलता को भी सीधे प्रभावित करती है। सच कहें तो नैतिकता वह अमूल्य निधि है जिसके द्वारा सामाजिक परिवेश को आसानी से बदला जा सकता है। नैतिकता का आधार पवित्रता, न्याय और सत्य है। नैतिकता को सामाजिक स्वीकृति प्राप्त होती है, अतः इसका पालन चिकित्सक ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति का पावन कर्तव्य है। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सेज, पैरा मेडिकल कर्मचारी तथा मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
– Legend News

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