भारत के चंद्रयान-1 की मदद से चांद पर मिले बर्फ के सबूत

होनोलुलु। भारत ने 10 साल पहले चांद की जानकारी जुटाने के लिए अपना पहला मिशन लॉन्च किया था। अब वैज्ञानिकों ने उस मिशन की एक रिसर्च के आधार पर चांद पर बर्फ मिलने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि चांद के उत्तरी ध्रुव से लेकर दक्षिणी ध्रुव तक कई जगह बर्फ नजर आई है।
चंद्रयान के साथ नासा ने अपना एक इन्फ्रारेड उपकरण भी भेजा था। इसने कई तस्वीरें भेजीं। इनके विश्लेषण से पता चला कि ध्रुव के पास बर्फ जमीन के उन इलाकों में मौजूद है, जहां तापमान कभी माइनस 163 डिग्री सेल्सियस से कम था। हालांकि, चांद की तुलना में इसका इलाका काफी कम (सिर्फ 3.5%) पाया गया। वैज्ञानिक इसे चांद पर पानी होने का पहला सीधा और पुख्ता सबूत मान रहे हैं। प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ सालों में चंद्र मिशन इसी स्टडी पर केंद्रित रह सकते हैं।
लॉन्चिंग के एक साल बाद ही मिले थे पानी के सबूत : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने 2008 में चंद्रयान-1 लॉन्च किया था। एक साल बाद ही इसमें लगे उपकरण ने चांद की सतह पर पानी ढूंढ लिया था। तब वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया था कि चांद की सतह पर पानी बर्फ के रूप में न होकर अणु रूप में है। भारत की इसी कोशिश के बाद नासा ने चांद की दक्षिणी सतह के करीब 100 किलोमीटर चौड़े इलाके में सेबस क्रेटर पर अंतरिक्ष यान क्रैश करा दिया था, जिसके बाद वैज्ञानिकों ने चांद पर पानी होने का दावा किया था।
-एजेंसियां

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