शुगर से लेकर हार्ट डिजीज तक सब कंट्रोल करते हैं डार्क फूड्स

डार्क फूड्स सेहत के लिए बहुत अधिक लाभकारी होते हैं इसलिए जिस मौसम में भी आपको प्राकृतिक तरीके से इसकी प्राप्ति होती है, उस मौसम में इसे जरूर खाएं। दिल के दौरे से बचाने और याददाश्त बढ़ाने में यह डार्क फूड्स बहुत अधिक लाभकारी हैं.
अपने भोजन में हर दिन अलग-अलग तरह के भोज्य पदार्थों का सेवन करने से हमें सभी जरूरी और पौष्टिक तत्वों की प्राप्ति होती है इसलिए हमें अपनी डायट को बैलंस करने का पूरा प्रयास करना चाहिए लेकिन डार्क फूड्स को शामिल किए बिना हमारी डायट कभी भी कंप्लीट नहीं हो सकती। यहां जानें, किन्हें कहते हैं डार्क फूड्स और इन्हें क्यों खाना चाहिए।
किसे कहते हैं बैलंस डायट?
कोरोना संक्रमण हो या कोई और बीमारी, हेल्दी रहने की पहली शर्त यह है कि आपका भोजन पूरी तरह संतुलित होना चाहिए। जिसमें फैट कम हो और कैलोरी अधिक। ऐसा भोजन ही आपको एक्टिव और फिट रखने में सहायक होता है।
हमारे रोज के भोजन में जिन गुणों का होना जरूरी है उनमें फाइबर, कैल्शियम, मैग्निशियम, फोलेट, फास्फोरस और विटामिन्स सभी चीजों का समावेश होना चाहिए इसलिए दिन के तीनों समय एक ही भोजन को ना खाने की सलाह दी जाती है ताकि आप दिन के तीनों प्रहर में अलग-अलग भोजन खाएं। इससे आपके शरीर की सभी जरूरतों की पूर्ति होती है।
क्या होता है डार्क फूड?
डार्क फूड्स में वे सभी खाद्य पदार्थ सम्मिलित होते हैं जिनका रंग प्राकृतिक तौर पर गहरे रंग लिए हुए होता है। जैसे जामुन, ब्लूबेरीज, ब्लैकबेरीज, ब्लैक बीन्स, नट्स और फ्लैक्स सीड्स आदि। बेरीज और फ्रूट्स का रंग फाइटोन्यूट्रिएन्ट फ्लेवोनोइड्स के कारण प्राकृतिक रूप से गहरा होता है।
फाइटोन्यूट्रिएन्ट के फायदे?
फाइटोन्यूट्रिएन्ट फलों का रंग नीला या काला करने में सहायक होते हैं। यदि शरीर की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मौसम के हिसाब से फाइटोन्यूट्रिएन्ट युक्त फलों का सेवन किया जाए तो हमारे शरीर की सभी रक्त धमनियां स्वस्थ और लचीली बनी रहती हैं।
इससे रक्त के प्रवाह में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होती है। नलियों का सेहतमंद रहना हमारे दिल की सेहत के लिए बहुत अधिक जरूरी है। इससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है।
फ्लेवोनोइड्स का लाभ
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्लेवोनोइड्स युक्त फल खाने से बढ़ती उम्र के कारण होनेवाली समस्या शॉर्ट टर्म मेमॉरी लॉस की समस्या नहीं होती है।
साथ ही जो लोग नियमित रूप से इस तरह के फलों और सब्जियों जैसे पर्पल गोभी, सूखे आड़ू, किशमिश और ब्लैक मशरूम का सेवन करते हैं, उन्हें कैंसर जैसा भयानक रोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
-एजेंसियां

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