साइबर सुरक्षा व अपराध के बारे में जागरूकता जरूरी: संतोष

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग द्वारा आयोजित ‘एवेयरनेस ऑन साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर क्राइम’ विषयक वेबिनार में मुख्य वक्ता Supraja Technologies के सीईओ संतोष चालूवाड़ी ने कहा कि डिजिटल क्रांति के वर्तमान दौर में इस विषय को जानने और समझने की बहुत जरूरत है। विद्यार्थियों के लिए यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां बढ़ती मांग के कारण रोजगार पाने और अपना काम शुरू करने की बड़ी संभावनाएं हैं।

मुख्य वक्ता संतोष ने कहा कि मोबाइल फोन का हमारे जीवन में एक बड़ा रोल हो गया है। स्मार्ट फोन हमारे राजदार हैं। मान लीजिए आपका यह फोन खो जाता है तो आप क्या करेंगे। इसको खोजने के लिए जगह-जगह ढूंढेगे लेकिन आधुनिक तकनीकियों के चलते इसको खोजना आसान है। आपका फोन ही आपको वह तरीका बता सकता है जिसके द्वारा आप अपना खोया हुआ फोन दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज आप ऐसी अनेक खबरें सुनते, पढ़ते हैं कि डाटा चोरी हो गया, डाटा चुराने के लिए कंपनियां आपके फोन में छिपी निजी और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के लिए कैसे-कैसे काम कर रही हैं। इसीलिए जागरूक होना जरूरी है कि हम कैसे अपने डाटा की सुरक्षा करें, अपनी महत्वपूर्ण संपत्ति को सुरक्षित रख सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड से संबंधित समाज में व्याप्त विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि डेटा का निजीकरण और डेटा चोरी क्या है और कैसे इससे बचा जाये। विषय विशेषज्ञ ने कहा कि विषय कोई भी हो उसका अध्ययन पूरी रुचि के साथ होना चाहिए। जब आप विषय में पूरी रुचि लेते हैं तो विषय को अच्छी तरह से समझ पाते हैं, फिर आपको किसी विषय या सिद्धांत को रटने की आवश्यकता नहीं रहती आप उसको आसानी से याद रख पाते हैं। हो सकता है कि आप नंबरों की दृष्टि से अधिक सफल नहीं हो पाएं लेकिन आपका विषय ज्ञान आपको सफलता दिलाता ही है। हमारी तरह बहुत सारी कंपनियां प्लेसमेंट के दौरान बच्चों की मार्कशीट में नंबरों के प्रतिशत पर नहीं उनके व्यवहारिक ज्ञान को ज्यादा महत्व देती हैं। किसी बच्चे के नंबर भले ही 60 प्रतिशत हों अगर उसको विषय संबंधी पूरा ज्ञान है तो ऐसा विद्यार्थी हमारे लिए उपयोगी होता है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हम सभी को यह जानना जरूरी हो गया है कि हम अपने को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

इससे पूर्व संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन डॉ. सुरेश कासवान ने मुख्य वक्ता संतोष चालूवाड़ी का परिचय देते हुए वेबिनार में उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वेबिनार में भाग ले रहे फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थियों के लिए आज का यह सत्र हर दृष्टि से उपयोगी रहा है।

वेबिनार के अंत में फोरेंसिक साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर अदील सुघरा जैदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वेबिनार में डा. लिसा युगल, डा. केके शर्मा के अलावा अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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