यूपी में पहली बार बुजुर्ग, दिव्यांग और कोविड पेशेंट घर बैठे कर सकेंगे मतदान

यूपी में पहली बार 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिव्यांग और कोविड से जूझ रहे वोटर्स पोस्टल बैलट के जरिए घर बैठे मतदान कर सकेंगे। घर से वोट की सुविधा ऑप्शनल होगी।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच निर्वाचन आयोग ने आज साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव समय पर कराए जाएंगे।
सभी राजनीतिक पार्टियां भी इसके पक्ष में हैं। इस दौरान चुनाव आयोग ने बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए यह गूड न्यूज़ भी दी।
चुनाव आयोग ने समझाते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि पोलिंग बूथ असुरक्षित हैं। हां… यदि बुजुर्ग, दिव्यांग और कोविड से जूझ रहे वोटर्स घर से ही वोट देना चाहते हैं, तो वे पोस्टल बैलट के जरिए यह कर सकेंगे। इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाएगी। कुल राजनैतिक दलों को इस प्रक्रिया को लेकर चिंता थी, लेकिन गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
चुनाव आयोग ने बताया कि ऐसे मतदाताओं को फॉर्म भरकर बताना होगा। उनका नाम राजनीतिक दलों को दिया जाएगा। हमारी टीम वोटिंग प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करेगी। टाइम बताया जाएगा। इसमें यह भी ध्यान रखा जाएगा कि गोपनीयता बनी रहे। पूरी पारदर्शिता के साथ इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
बिहार चुनाव में भी यह विकल्प दिया गया था लेकिन 3 फीसदी ने ही इसे चुना। हमारी इच्छा भी है कि बहुत जरूरत होने पर ही वोटर इस प्रक्रिया को चुनें। बिहार विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने 80 साल से अधिक उम्र के लोगों और कोविड मरीजों को बोस्टल बैलट से वोट करने की इजाजत दी थी।
बिहार चुनाव के समय का यह था नियम
बिहार विधानसभा चुनाव में भी वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए डाक मतपत्र की सुविधा दी गई थी और इसके लिए प्रपत्र-12घ भरने के लिए यह निर्देश दिया गया था। यूपी चुनाव में इसमें कुछ संशोधन हो सकता है।
मतदान केंद्र क्षेत्र में आरओ या बीएलओ संबंधित निर्वाचकों के घर जाएंगे और संबंधित निर्वाचकों को प्रपत्र 12-घ देंगे। यदि कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है तो वह अपना संपर्क विवरण देगा और अधिसूचना के 5 दिनों के अंदर उसे लेने के लिए दोबारा आएगा।
– निर्वाचक प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्न पावती में डाक मतपत्र का विकल्प देगा या नहीं देगा।
– अगर निर्वाचक डाक मतपत्र का विकल्प देता है तो बीएलओ अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर पूर्ण रूप से भरे हुए प्रपत्र 12-घ को निर्वाचक के घर से प्राप्त करेगा और उसे तत्काल आरओ के पास जमा करेगा।
– बीएलओ प्रपत्र 12-घ के साथ संलग्न सभी पावती प्रपत्रों को आरओ के पास जमा कराएगा।
– आरओ के संपूर्ण पर्यवेक्षण में सेक्टर अधिकारी इसकी देखरेख करेंगे।
– एक तारीख को आरओ मतदान डाक मतपत्र वितरित एवं इकट्ठा करेंगे और बाद में उसे आरओ के पास जमा कराएंगे।
-एजेंसियां

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