फिर से सुर्खियों में है ED, दाऊद के खास इकबाल मिर्ची की प्रॉपर्टी को बनाया दफ्तर

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED एक बार फिर से सुर्खियों में है। दरअसल इसकी वजह यह है कि, इस बार ईडी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खासम खास गुर्गे इकबाल मिर्ची की प्रॉपर्टी को अपना नया दफ्तर बना लिया है। यह इमारत कभी ड्रग्स तस्कर इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची की जागीर हुआ करती थी। मिर्ची की फिलहाल मौत हो चुकी है।
ईडी ऑफिस मुंबई की बेहद प्राइम लोकेशन वर्ली के सीजे हाउस में शिफ्ट हो रहा है। फिलहाल ईडी का दफ्तर साउथ मुंबई के बलार्ड पियर में है। यह इमारत कभी इकबाल मिर्ची के कब्जे थी हालांकि मौजूदा समय में यह एक बड़े राजनेता की मिलकियत वाली संपत्ति है। आपको बता दें कि इस इमारत के आर्किटेक्ट नाशिर तलाटी थे और इसे एनसीपी नेता प्रफुल पटेल की मिलेनियम डेवलपर्स ने बनाया था। ईडी अपने एक जोनल ऑफिस को इस इमारत के दो फ्लोर में शिफ्ट कर रही है।
कैसे बनी थी इमारत
यह इमारत इकबाल मिर्ची की संपत्ति को मिलाकर बनाई गई थी। उसका प्लॉट बिल्कुल सटा हुआ था जहां वह फिशरमैन वार्फ पब पर चलाता था। सीजे हाउस के टॉप फ्लोर पर 35 हजार स्क्वायर फुट में फैला हुआ एनसीपी नेता प्रफुल पटेल का आलीशान घर है। बीते साल फरवरी महीने में विशेष पीएमएलए कोर्ट ने इकबाल मिर्ची की संपत्ति को सीज करने का आदेश दिया था।
ईडी ने अदालत में यह याचिका दायर की थी कि उन्हें इकबाल मिर्ची की 15 संपत्तियों को सीज करने की इजाजत दी जाए। जिसमें सीजे हाउस में मौजूद 2 फ्लोर भी शामिल थे। इकबाल मिर्ची की इन संपत्तियों की कुल कीमत 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा थी। हाल ही में ईडी ने 14 हजार स्क्वायर फुट में फैले दो फ्लोर को अपने कब्जे में ले लिया था। यह प्रॉपर्टी तीसरे और चौथे फ्लोर पर है। निदेशालय के अधिकारी इस नए ऑफिस पहुंचकर जरूरी बदलाव करवा रहे हैं। ईडी के मुताबिक अब यह सरकारी संपत्ति बन चुकी है।
सीजे हाउस की पूरी कहानी
सीजे हाउस के पहले इस जगह पर वर्ली का फेमस गुरुकृपा होटल था। जिसे सी साइड इन और ललित रेस्टोरेंट के नाम से भी जाना जाता था। यह बिल्कुल समंदर किनारे पर था। यह होटल एम. के. मोहम्मद के नाम पर था। जिनका पड़ोस की जमीन के मालिकों के साथ विवाद चल रहा था। साल 1986 में इकबाल मिर्ची ने इस प्रॉपर्टी को दो लाख रुपये में मोहम्मद से अपनी पहली पत्नी हाजरा के नाम पर खरीद लिया था। बाद में मिर्ची ने इस संपत्ति के बगल मौजूद गैरेज और इमारत पर अतिक्रमण कर वहां पब शुरू किया था। हालांकि बाद में उसे यह पब बंद करना पड़ा जहां से वह ड्रग्स का काला कारोबार भी करता था।
बाद में मिर्ची ने यह प्रॉपर्टी मिलेनियम डेवलपर्स को बेच दी।बिल्डर ने मिर्ची परिवार को तीसरे फ्लोर पर 9 हजार और चौथे फ्लोर पर 5 हजार स्क्वायर फुट के फ्लैट दिए थे। जिनपर अब ईडी अपना दफ्तर बना रही है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *