कोरोना के कारण राफेल फाइटर जेट के प्रोडक्शन का काम प्रभावित

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस की वजह से दसॉ एविएशन ने भारत के लिए राफेल फाइटर जेट के प्रोडक्शन के काम को 31 मार्च तक के लिए रोक दिया है।
इंडियन एयरफोर्स से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दसॉ ने यह फैसला कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए फ्रांसीसी सरकार द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों के मद्देनजर किया है। हालांकि, एयर फोर्स से जुड़े सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे इस साल मई में राफेल फाइटर जेट्स के पहले बैच की डिलिवरी पर ‘कोई असर नहीं’ पड़ेगा।
राफेल विमानों की पहली खेप के बाद की डिलिवरी जरूर प्रभावित हो सकती है, लेकिन तब जब फ्रांस में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लंबे वक्त तक चला। फ्रांस में इस घातक वायरस से अब तक 350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
एक सूत्र ने बताया, ‘कोविड-19 से निपटने के लिए फ्रांसीसी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के मद्देनजर दसॉ एविएशन की फैक्ट्री में भारत के लिए राफेल फाइटर जेट बनाने के काम को 31 मार्च तक के लिए रोक दिया गया है। इंडियन एयर फोर्स के पर्सनेल फ्रांस में 6 अलग-अलग जगहों पर ट्रेनिंग ले रहे हैं।’
सूत्रों ने आगे बताया, ‘इससे इस साल मई में राफेल विमानों की पहले खेप के आने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर लॉकडाउन लंबे अरसे तक चलता है तो बाद की डिलिवरी पर असर पड़ सकता है। भारत पहले ही उसके लिए खास तौर पर बनाए गए 5 राफेल लड़ाकू विमान रिसीव कर चुका है और उस पर हमारे पायलट ट्रेनिंग ले रहे हैं।’
भारत और फ्रांस ने साल 2016 में राफेल सौदे पर दस्तखत किया था। दोनों सरकारों के बीच हुए समझौते के मुताबिक भारत को 36 राफेल विमान मिलने हैं। ये विमान आधुनिक युद्धक उपकरणों से लैस रहेंगे जिनमें घातक एयर-टु-एयर बियॉन्ड विजुअल रेंज मिटिऑर मिसाइलें, लॉन्ग रेंज SCALP एयर-टु-ग्राउंड सटीक वार करने वाले गाइडेड हथियार शामिल हैं।
-एजेंसियां

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