तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव डोली का अपने धाम के लिए प्रस्थान

गोपेश्वर (चमोली)। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव डोली अपने धाम के लिए प्रस्थान करते हुए आज दूसरे पड़ाव चोपता पहुंची। बुधवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे तुंगनाथ मन्दिर के कपाट खुलेंगे।

मार्कंडेय मंदिर, मक्कूमठ में सुबह आठ बजे से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना शुरू होगी। पुजारी महाभिषेक, भोग और आरती के पश्चात गर्भगृह से भोगमूर्ति को सभामंडप में लाएंगे। धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया जाएगा।

इसके बाद स्थानीय अराध्य को नए अनाज का भोग लगाएंगे। मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि लॉकडाउन के कारण प्रशासन के निर्देश पर डोली कार्यक्रम और कपाटोद्घाटन समारोह में सीमित लोग ही शामिल हो पाएंगे। मठाधिपति रामप्रसाद मैठाणी ने बताया डोली के धाम प्रस्थान और कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

आज खुले चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट

चमोली जिले में समुद्रतल से 11808 फीट की ऊंचाई पर स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट आज सुबह छह बजे ग्रीष्मकाल के लिए पुजारी महादेव भट्ट ने खोल दिए। पुजारी महादेव भट्ट सहित 20 लोगों को रूद्रनाथ में कपाट खोलने के दौरान अनुमति मिली है।

रविवार को बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली पनार बुग्याल से रुद्रनाथ पहुंच गई। सुबह पूजा-अर्चना के बाद बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली पनार बुग्याल से रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुई। शाम को रुद्रनाथ पहुंचे तीर्थ पुरोहितों व हक-हकूकधारियों ने मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र की सफाई कर धर्मशाला को व्यवस्थित किया। धाम के पुजारी महादेव भट्ट ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते कपाट खोलने के मौके पर सिर्फ 20 लोगों को ही मंदिर में पूजा-अर्चना अर्चना की अनुमति मिली है। यात्रा पर फिलहाल पाबंदी रहेगी। विदित हो कि रुद्रनाथ धाम देश का एकमात्र शिवालय है, जहां भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं।

-एजेंसियां

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