छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आता है तो अनदेखा ना करें

तनाव का माहौल तो हर तरफ है लेकिन अगर घर में कोई ऐसा सदस्य है, जिसे हर समय गुस्सा आता है या छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आता है तो इस बात को उसकी आदत समझकर अनदेखा ना करें क्योंकि इस समय उसे आपके साथ और देखभाल की बहुत आवश्यकता है।
बड़े होने पर किसी व्यक्ति का स्वभाव कैसा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसका बचपन कैसे माहौल में बीता है और उसने अपने अब तक के जीवन में किस तरह की परिस्थितियों का सामना किया है…। मुख्य रूप से इन दो कंडीशंस से मिलकर ही किसी व्यक्ति के व्यवहार का निर्माण होता है। ऐसे में अगर आपके घर-परिवार या फ्रेंड्स में कोई ऐसा व्यक्ति है जो हर छोटी बात पर नाराज हो जाता है या जिसे अकेला रहना अधिक पसंद है तो समझ जाइए कि उसे आपकी मदद की जरूरत है… खास बात यह है कि इन लोगों को खुद नहीं पता होता कि इन्हें मदद चाहिए…
बढ़ने लगता है गुस्सा
कई लोगों के साथ ऐसा होता है, जब वे यह बात महसूस कर रहे होते हैं कि उनका गुस्सा लगातर बढ़ रहा है। कई लोगों को उनके बदले हुए टैंप्रामेंट की शिकायत उनकी फैमिली और फ्रेंड्स भी करने लगते हैं। ऐसे में सबसे जरूरी होता है इस बात को समझना कि आखिर गुस्सा बढ़ने की वजह क्या है…
अपनेपन की जरूरत
-मनोवैज्ञानिक और काउंसलर्स के अनुसार जिन लोगों को प्यार की जरूरत होती है उन्हें भी गुस्सा बहुत अधिक आता है! यह बात आपको हैरान जरूर कर सकती है लेकिन मनोभावों की हकीकत से जुड़ी है।
दरअसल, जब किसी इंसान को लगातार अनदेखा किया जाता है तो वह एक तरह की नेगेटिविटी से भर जाता है।
-खासतौर पर घर और परिवार में अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो व्यक्ति का दुनिया-समाज और रिश्तों को देखने का नजरिया बदलने लगता है। जो की नकारात्मकता से भरा हुआ होता है। इसलिए अधिक गुस्सा करनेवाले लोगों को आमतौर पर प्यार और सम्मान की जरूरत होती है। यह मानसिक अवस्था की बात हो रही है जबकि कुछ लोग गुस्सा दिखाकर खुद को सुपीरियर साबित करने की कोशिश भी करते हैं। इन दोनों व्यवहारों में अंतर है।
जब चाहकर भी सो नहीं पाते
कुछ लोगों को यह बात हैरान कर सकती है कि नींद पूरी ना होने का गुस्सा बढ़ने से क्या संबंध? क्योंकि नींद पूरी ना होने पर थकान महसूस होती रहती है। ऐसा सोचने वाले लोग बिल्कुल सही हैं, बस उन्हें यह जानने की जरूरत है कि अगर यह थकान लंबे समय तक बनी रहती है तो हमारे ब्रेन और डायजेस्टिव सिस्टम के फंक्शन पर बुरा असर डालने लगती है।
गड़बड़ाने लगता है इनका पाचन
नींद पूरी ना होने पर कुछ लोगों को स्ट्रेस लेवल बढ़ने से बहुत अधिक भूख लगने लगती है, वहीं कुछ लोगों को स्ट्रेस की वजह से कुछ खाने की इच्छा ही नहीं होती है। इस कंडीनशन में मेटाबॉलिज़म का रोल बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। जिनका मेटाबॉलिक सिस्टम फास्ट होता है और जो लोग हाइपरऐक्टिव होते हैं या बहुत अधिक सोचते हैं, उनमें अधिक भूख लगने के लक्षण देखे जाते हैं जबकि मेटाबॉलिज़म स्लो होने पर लोगों की भूख गायब हो जाती है और वे अत्यधिक मासिक दबाव महसूस करने लगते हैं।
सोते हैं तो सोते ही रह जाते हैं
मनोविज्ञान के अनुसार जो लोग बहुत अधिक सोते हैं, उनके अधिक सोने के पीछे उनका अकेलापन महसूस करना या किसी भी कारण खालीपन से भरा हुआ होना हो सकता है। बहुत अधिक मानसिक तनाव के कारण भी अधिकतर लोग लेटे रहना पसंद करते हैं, फिर भले ही वे सो ना रहे हों। ऐसा हॉर्मोनल डिसबैलंस के चलते होता है। अगर आपके आस-पास ऐसा कोई व्यक्ति है, जो सामान्य से अधिक सोता है तो आपको उससे बात करने की जरूरत है। जरूरी लगे तो सायकाइट्रिस्ट से जरूर संपर्क करें।
कमजोरी से होती हैं ये परेशानियां
जिन लोगों का बीपी लो रहता है, उन्हें भी बहुत अधिक नींद आती है। जब परिवार के लोग उन्हें खाना-खाने या किसी अन्य काम के लिए जगाते हैं तो वे अक्सर खीज जाते हैं क्योंकि गुस्सा शारीरिक कमजोरी की निशानी भी होता है। वहीं, बीपी हाई होने की स्थिति में व्यक्ति को घबराहट के साथ ही अधिक गुस्सा आने की शिकायत रहने लगती है।
-एजेंसियां

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