तनाव और डर के कारण भी हो सकती है डायरिया की समस्या

डायरिया होने पर व्यक्ति उल्टी और लूज मोशन से परेशान हो जाता है। आमतौर पर हमें लगता है कि यह बीमारी केवल संक्रमित भोजन करने या संक्रमित पानी पीने से होती है लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि डायरिया की समस्या तनाव और डर के कारण भी हो सकती है।
तनाव के कारण भी हो सकता है डायरिया
-जो लोग बहुत अधिक तनाव में रहते हैं, उन्हें डायरिया की समस्या कभी भी हो सकती है। इसका कारण यह है कि तनाव का नकारात्मक प्रभाव आपकी आंतों पर पड़ता है। इससे पाचन में गड़बड़ी पैदा होती है और आप डायरिया की गिरफ्त में आ सकते हैं।
भय या डर के कारण डायरिया
-किसी बात को लेकर दिमाग में बैठा डर या चिंता आपको डायरिया की समस्या दे सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति डर का अनुभव करता है तो उसके शरीर में पित्त की वृद्धि होती है। जब पित्त की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है तो यह लूज मोशन और उल्टी आने की वजह बन सकता है।
अपच के कारण डायरिया
-आप सभी जानते हैं कि संक्रमित भोजन या पानी के कारण डायरिया की समस्या होती है। लेकिन यदि आपने सही भोजन का सेवन किया है और पेट की किसी समस्या के चलते आपका पाचनतंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है तो इस स्थिति में भी आपको उल्टी-दस्त या डायरिया की शिकायत हो सकती है। यानी आप अपच के कारण भी डायरिया की गिरफ्त में आ सकते हैं।
किसी दवाई के कारण
-जी हां, दवाओं के कारण भी उल्टी, दस्त या डायरिया की समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर दवाई के कॉम्पोनेंट्स से हर किसी व्यक्ति का पाचनतंत्र तालमेल नहीं बैठा पाता है। यानी सभी दवाएं हर व्यक्ति को सूट नहीं करती हैं। इस स्थिति में दवाओं का सेवन भी डायरिया होने की वजह बन जाता है।
दूध पीने से उल्टी, दस्त होना
-आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन यह बात सही है कि कुछ लोगों को दूध पीने के बाद उल्टी, दस्त या फिर डायरिया की समस्या हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन लोगों को लेक्टिक एसिड से एलर्जी होती है।
-लेक्टिक एसिड से होनेवाली इस दिक्कत को मेडिकल की भाषा में लेक्टॉस इंटॉलरेंस (Lactose Intolerance) कहते हैं। यह एक डायजेस्टिव डिसऑर्डर यानी पाचन संबंधी विकार है। जिन लोगों को लेक्टॉस पच नहीं पाता है, उन्हें दूध पीने के बाद पेट में मरोड़ उठना, पेट फूलना या डायरिया की समस्या हो जाती है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *