54 करोड़ रुपये में नीलाम हुई निजाम हैदराबाद की डायमंड रिंग, 17 करोड़ में नेकलेस

अमेरिका के न्‍यूयॉर्क शहर में बुधवार को हुई भारतीय जूलरी की नीलामी में जमकर पैसा बरसा। इस नीलामी में खास आकर्षण का केंद्र रही निजाम मीर उस्‍मान अली खान की रिंग, नेकलेस और उनकी तलवार। नीलामी में निजाम की बेहद खास 52.58 कैरट डॉयमंड रिंग के लिए 45 करोड़ रुपये की बोली लगी। इस रिंग ‘मिरर ऑफ पैराडाइज’ में लगा डायमंड गोलकुंडा की विश्‍व‍ प्रसिद्ध खदानों से निकाला गया है।
इसके अलावा निजाम की तलवार को 13.4 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया। नीलामी में निजाम के खजाने में शामिल रहे खास हार पर सबकी नजरे रहीं। हीरे से बने इस हार के लिए 17 करोड़ रुपये की बोली लगी। 33 हीरों से बने इस नेकलेस ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। पहले ऐसा अनुमान लगाया गया था कि यह नेकलेस 10.5 करोड़ रुपये में बिक सकता है।
इस बीच निजाम परिवार लगातार नीलामी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखा ताकि उनके खजाने में शामिल रहे इन अनमोल रत्‍नों की नीलामी कीमत पता चल सके। दिवंगत निजाम मीर उस्‍मान अली खान के पोते मीर नजफ अली खान ने कहा कि जब सफेद मोतियों से बने नेकलेस को नीलाम किया गया तो वह लगभग चिल्‍ला पड़े। नीलामी के दौरान 17 कैरट का गोलकुंडा का ‘अर्काट 2’ डायमंड 23.5 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ।
नीलामी संस्‍था क्रिस्‍टी ने एक बयान जारी कर कहा कि 400 चीजों की नीलामी की गई जिससे करीब 758 करोड़ रुपये मिला। यह भारतीय कला और मुगल वस्‍तुओं की अब तक की सबसे बड़ी संख्‍या है। यह नीलामी करीब 12 घंटे तक चली और भारत तथा 44 अन्‍य देशों के लोगों ने नीलामी में हिस्‍सा लिया। बताया जा रहा है कि जयपुर, इंदौर और बड़ौदा के शाही परिवार भी इस नीलामी में शामिल हुए।
इस जूलरी के मालिक कतर के शासक के चचेरे भाई शेख हमद बिन अब्‍दुल्‍लाह अल थानी थे। थानी वर्ष 2009 में इस बिजनस में आए थे। उनके पास दुनियाभर के छह हजार जूलरी पीस हैं। बता दें कि सातवें और अंतिम निजाम मीर बरकत अली खान ऊर्फ नवाब मुकर्रम जाह की तबीयत खराब चल रही है और वह तुर्की में रहते हैं। उनके छोटे भाई मीर करामात अली खान उर्फ नवाब मुफ्फखाम जाह लंदन में रहते हैं।
-एजेंसियों

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