महाकाल की भस्मारती में 15 मार्च से श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रवेश

उज्‍जैन। महाकाल मंदिर में कोरोना की वजह से भस्मारती बंद थी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खुला था लेकिन दूर से ही दर्शन कर लौट जाते थे। अब मंदिर समिति की बैठक में भस्मारती शुरू करने का निर्णय लिया गया है। 360 दिन बाद यानी 15 मार्च से भस्मारती में श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। महाकाल मंदिर समिति ने बैठक के बाद इसकी घोषणा की है।
महाकाल मंदिर में पूजा की शुरुआत सबसे पहले भष्मारती से ही होती है। इसे देखने के लिए मंदिर में हजारों की संख्या में लोग उमड़ते थे लेकिन 21 मार्च 2020 को बाहरी लोगों के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था क्योंकि कोरोना की वजह से यह एहतियात बरतना जरूरी था। कोरोना के मामले कम होने के बाद मंदिर को 9 जून से खोल दिया गया था। लेकिन भस्मारती की शुरुआत नहीं हुई थी।
मंदिर प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि भस्मारती के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। अनाधिकृत रूप से प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी। रात 10.15 बजे तक आने वाले तीर्थयात्रियों को भस्मारती में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
गौरतलब है कि शहर के लोग और कुछ राजनीतिक दल लगातार भस्मारती शुरू करने की मांग कर रहे थे। शहर में अब कोरोना की स्थिति सामान्य है। फिलहाल इस परंपरा का निर्वहन पूरी तरह से पुजारी कर रहे थे। अब मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया है कि 15 मार्च से श्रद्धालुओं को भस्मारती में प्रवेश मिलेगा।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *