स्नान दान के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया Kartik Purnima पर्व

Kartik Purnima पर आज तड़के से उत्तराखंड के सभी गंगाघाटों के साथ ही अन्य नदियों के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके मद्देनजर हरिद्वार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

आज तड़के हर की पैड़ी पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ ही पूजा-अर्चना की और दान कर पुण्य कमाया। सर्दी बढ़ने के बाद भी राज्य के बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। सोमवार से ही लोग हरिद्वार पहुंचने लगे थे। आज ब्रह्म मुहूर्त से स्नान शुरू हुआ और सुबह होते-होते गंगा घाट श्रद्धालुओं से पट गए।

हरकी पैड़ी सहित बिरला घाट, सर्वानंद घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट, लवकुश घाट और विश्वकर्मा घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट सहित अन्य गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गरीब और असहाय लोगों को अनाज व अन्य चीजें दान कीं।

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष 12 पूर्णिमाएं होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर १3 हो जाती है। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा या गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। इस पुर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा की संज्ञा इसलिए दी गई है क्योंकि आज के दिन ही भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक महाभयानक असुर का अंत किया था और वे त्रिपुरारी के रूप में पूजित हुए थे।

ऐसी मान्यता है कि इस दिन कृतिका में शिव शंकर के दर्शन करने से सात जन्म तक व्यक्ति ज्ञानी और धनवान होता है। इस दिन चन्द्र जब आकाश में उदित हो रहा हो उस समय शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा इन छ: कृतिकाओं का पूजन करने से शिव जी की प्रसन्नता प्राप्त होती है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से भी पूरे वर्ष स्नान करने का फाल मिलता है।
– एजेंसी

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