कोरोना प्रोटोकॉल के साथ मूल्यांकन की तैयारी करें: डिप्टी सीएम

लखनऊ। डिप्टी सीएम डा. द‍िनेश शर्मा ने आज निर्देश दिया कि कोरोना प्रोटोकॉल के साथ बोर्ड परीक्षा-2020 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करवाने की तैयारी भी शुरू की जाए। 20 अप्रैल के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। जब भी मूल्यांकन शुरू हो उसमें कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के लिए ड्यूटी पास की व्यवस्था भी की जाये।

डा. शर्मा ने निर्देश दिए कि यूपी बोर्ड की वेबसाइट व दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध ई-पाठ्य पुस्तकें व वीडियो डाउनलोड कर स्कूलों व शिक्षकों को उपलब्ध कराया जाए। सभी विषय अध्यापकों द्वारा डाउनलोड ई-पुस्तक-वीडियो को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कम से कम एक दिन पहले विद्यार्थियों को दी जाए। अगले दिन निर्धारित समय पर ग्रुप पर विद्यार्थियों की कठिनाइयों को हल किया जाए और फिर उन्हें गृहकार्य भी दिया जाए।

उपमुख्मंत्री ने कहा कि लाकडाउन की अवधि में विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने के लिये आनलाइन माध्यम से कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। कोरोना से बचाव के लिए 2337 एनसीसी कैडेटों का प्रशिक्षण हो चुका है। डा. शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने आरोग्य सेतु एप लांच किया है। इसका और प्रचार करें। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा अब तक 14.48 लाख बार डाउनलोड करवा लिया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला, विशेष सचिव राजेश कुमार, उदय भानु त्रिपाठी, कुमार राघवेन्द्र सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

करीब 52 लाख विद्यार्थियों को रिजल्ट का इंतजार
यूपी बोर्ड की ईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा की शुरुआत 18 फरवरी 2020 से हुई थी जिसके लिए 56,01,034 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था। लेकिन नकल बिहीन परीक्षा आयोजित कराने के लिए यूपी बोर्ड की ओर से बरती गई सख्ती के चलते करीब साढ़े चार लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। इसके बावजूद परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या करीब 52 लाख है। यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के बोर्ड रिजल्ट 2020 के इंतजार में करीब 52 लाख विद्यार्थी हैं।

परीक्षा की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या विश्व के 194 देशों में से 81 (42 प्रतिशत देशों) की जनसंख्या से भी ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनियाभर के विभिन्न देशों की 2017 में जनसंख्या का जो अनुमान लगाया था उसके मुताबिक 81 देश ऐसे हैं जहां 56 लाख या उससे कम लोग हैं। इस साल बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या में लगभग दो लाख छात्र-छात्राओं की कमी हुई है। 2019 की परीक्षा के लिए 5795756 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जबकि 2020 में यह संख्या 56,01,034 रही।
– Legend News

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