दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया एक खानदानी चोर

नई दि‍ल्ली। दिल्ली के बाड़ा हिंदूराव पुलिस स्टाफ ने एक ऐसे चोर को पकड़ा है, जिसका न सिर्फ खानदान बल्कि लगभग पूरा गांव चोरी की वारदातों में शामिल है और बचपन से उनको देखकर ही चोरी करना सीखा है।
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में यही दावा किया है और जब गांव की लोकल पुलिस से पता किया गया तो उन्होंने भी उस गांव के चोरों से खुद के ‘परेशान’ होने की पुष्टि की है। डीसीपी नॉर्थ मोनिका भारद्वाज ने कहा कि हम अभी आरोपी के दावों को वेरिफाई कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ दिल्ली में सिर्फ 3 मामले लिंक हुए हैं, लेकिन जिस तरह से वह अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता था, उसने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं।
आरोपी चिंटू बिहार का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि वह गिरोह के साथ मिलकर बाइक की डिग्गियों से सामान चुरा लेता था। वह इंडस्ट्रियल इलाकों में जाकर रेकी करता था और फिर लोहे के एक उपकरण से डिग्गी का लॉक खोल लेता था। वह यह भी दावा कर रहा है कि वह चलती बाइक से भी डिग्गी खोलकर सामान निकाल लेता था।
एसएचओ संजय कुमार की देखरेख में एसआई पुष्पेंद्र, एएसआई प्रवीण, हेड कॉन्स्टेबल नवीन, कॉन्स्टेबल करम सिंह की टीम ने ऐसी वारदात की सूचना के बाद आरोपी की तलाश की। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी और मुखबिरों ने आरोपी को गिरफ्तार करवा दिया।
पुलिस को उससे एक वोटर आईडी कार्ड मिला। कार्ड हाथ में लेकर उससे उसका नाम-पता पूछा तो उसने नाम और पिता का नाम तो वोटर आईडी वाला बताया, लेकिन पता बताने में झिझक गया। अड्रेस नहीं बता पाया तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
पुलिस के मुताबिक उसका गांव हाइवे से सटा हुआ है। वह कह रहा है कि उसके गांव के बहुत से लोग चोरी चकारी में लगे रहते हैं। उसका बचपन ऐसे काम देखकर बीता तो उसे भी यह धंधा मिल गया। वह फर्जी वोटर आईडी बनवाकर दिल्ली के होटल में कमरा लेता था। इसके बाद बाइक खरीदता था। आरोपी का कहना है कि चोरी करने पर पुलिस को उस बाइक की तलाश रहती है, जबकि फर्जी आईडी पर सेकंड हैंड बाइक खरीदने से पुलिस का खतरा कम हो जाता है।
-एजेंसियां

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