दिल्‍ली-मेरठ एक्सप्रेसवे आज से जनता के लिए खुला, 45 मिनट में दूरी होगी तय

नई दिल्‍ली। आज से दिल्‍ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जनता के लिए खुल गया. अब मेरठ से दिल्ली का सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो सकेगा. आमतौर पर दिल्‍ली से मेरठ पहुंचने में कई घंटों का वक्त लगा करता था लेकिन अब एक्सप्रेस वे यह दूरी महज 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी. दिल्ली और गाजियाबाद आने वाले यात्री अब जाम को बाईपास कर सकेंगे. यकीनन इससे NCR की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी.
उत्तराखंड जाने वाले लोगों को दिल्ली-मेरठ हाईवे के लंबे जाम से स्थायी रूप से छुटकारा मिल जाएगा. दिल्ली-मेरठ की दूरी को कम करने के लिए 2008 में मंथन शुरू हुआ. फिर केंद्र में 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण की कवायद शुरू हुई. 2015 दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी. पहले प्रोजेक्ट को नवंबर 2019 में पूरा करने की समयसीमा तय की गई थी लेकिन तकनीकी कारणों और फिर कोरोना महामारी के चलते प्रोजेक्ट की समय सीमा करीब डेढ़ साल बढ़ गई.
170 CCTV कैमरों से होगी निगरानी
दिल्‍ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट पर नजर रखने को कुल 170 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. कैमरों का ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है. कैमरों की मदद से हर पल वाहनों पर नजर रखी जाएगी. गाड़ी की स्पीड से लेकर गाड़ी में अंदर बैठे यात्री तक पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) कैमरों की मदद से नजर रखेगी.
मालवाहक वाहनों की 80 और कारों की स्पीड 100 रखी गई
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे देश का पहला एडवांस एक्सप्रेस वे होगा है, जहां पर चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा. हर आठ से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे की प्रत्येक लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई, जिस पर चलते हुए वाहन की गति को देख सकेंगे. एक्सप्रेस वे पर मालवाहक वाहनों के लिए 80 और कारों के लिए अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चल सकेंगे. इसी बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे की टोल दरें भी जल्दी रिवाइज की जाएंगी. एक्सप्रेस शुरु होने को लेकर भाजपाई जहां सरकार की तारीफ कर रहे हैं तो वो विपक्ष को भी जमकर कोस रहे हैं. बीजेपी प्रवक्ता डॉक्टर चन्द्रमोहन ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये एक्सप्रसवे कब का बनकर तैयार हो गया होता अगर अखिलेश सरकार के समय इसमें देर न की होती.
यूपी गेट से डासना तक का काम मई तक पूरा होगा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना तक के दूसरे चरण के खुलने के बावजूद 700 मीटर के हिस्से का काम मई तक पूरा होगा. एबीईएस कॉलेज के पास अलीगढ़ रेल लाइन पर ROB का काम अभी अधूरा है. यहां पर दोनो आरओबी का काम मई तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए डासना में पांच-पांच लेन उपलब्ध होंगी. चढ़ते और उतरते वक्त जाम की स्थिति न बने. इसके लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पांच-पांच लेने के टोल बूथ बनाए गए हैं, लेकिन टोल बूथों के बीच में करीब 100 मीटर का अंतर रखा गया है. पहले दो लेन के दो बूथ बनाएं गए है.
टोल की दरें निर्धारित होने कुछ दिन मुफ्त सफर का लुत्फ ले सकेंगे यात्री
फिर कुछ दूरी पर चलकर तीन लेन के टोल बूथ बनाए गए है. इस तरह के टोल बूथ दोनों तरफ बनाए गए हैं. दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर टोल दरों का मामला अभी फंसा हुआ है. एक्सप्रेस-वे आखिरी दोनों चरणों के शुरू होने के साथ अन्य दो चरणों में किमी के हिसाब से टोल की दरों का निर्धारण मंत्रालय स्तर से किया जाएगा. इस हफ्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर टोल की दरें निर्धारित होने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में लोग कुछ दिन बगैर टोल के सफर कर सकेंगे.
अब दिल्ली दूर नहीं
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे शुरू होने से मेरठ टू दिल्ली का सफर मात्र 45 मिनट में
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 82.01 किमी
परियोजना की कुल लागत 8346 करोड़
पहला चरण सराय काले खां से गाजीपुर यूपी बॉर्डर तक लंबाई 8.72 किमी
दूसरा चरण यूपी बॉर्डर से डासना तक लंबाई 19.28 किमी
तीसरा चरण डासना से हापुड़ तक लंबाई 22.23 किमी
चौथा चरण डासना से मेरठ तक लंबाई 31.78 किमी
-एजेंसियां

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