कोरोना टेस्ट केस में दिल्‍ली हाई कोर्ट की केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार

नई दिल्‍ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोना गाइडलाइंस से जुड़ी एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीरो सर्वे की रिपोर्ट को कोर्ट से छिपाने और मीडिया में पहले रखने पर दिल्ली सरकार की कड़ी खिंचाई की। उसने रिपोर्ट के आधार पर सरकार से पूछा कि वह अपनी टेस्टिंग कैपेसिटी को क्यों बर्बाद कर रही है?
दिल्ली सरकार ने दावा किया कि उसने सीरो सर्विलांस की रिपोर्ट मीडिया को नहीं दी। अडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) संजय जैन ने कोर्ट से कहा कि दिल्ली सरकार की आरटीपीसीआर टेस्ट करने की इच्छा नहीं है, ऐसा नहीं माना जाना चाहिए। सरकार अपनी क्षमता के हिसाब से ज्यादा से जयादा टेस्ट करवा रही है। उन्होंने कहा कि संजय जैन डायनेमिक सिचुएशन है। एक दिन मामले कम होते हैं। अगले दिन बढ़ जाते हैं। टिपिकल ट्रेंड नहीं है।
दिल्ली सरकार की ओर से दावा किया गया कि उसके 9 सितंबर के आदेश के तहत आरटीपीसीआर टेस्ट को लेकर कोई कैप नहीं लगाई गई है। उसने कहा कि जिसे शंका हो वह बिना प्रेस्क्रिप्शन के यह टेस्ट लैब में करवा सकता है।
बहरहाल, दिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोना गाइडलाइंस से जुड़ी एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। इसमें सरकार को उन लोगों के घरों के बाहर पोस्टर आदि लगाने से रोके जाने की मांग की गई है जो कोरोना पॉजिटिव होने के चलते होम आइसोलेशन में हैं। याचिकाकर्ता की मांग है कि ऐसे लोगों के घर के बाहर लगे नोटिसों को वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट करने से रोका जाना चाहिए। हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई 2:30 बजे तक के लिए टाल दी गई है।
-एजेंसियां

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