दिल्ली सरकार का SC में कहा, 26 नवंबर तक ट्रकों की एंट्री पर रोक जारी रहेगी

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा है कि प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए तमाम कदम उठाए गए हैं और 26 नवंबर तक ट्रकों की एंट्री पर रोक जारी रहेगी। पहले यह रोक 21 नवंबर तक लगाई गई थी। दिल्ली सरकार ने कहा है कि प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाए गए इसके तहत दफ्तरों को 26 तक बंद रखा गया है।
दिल्ली सरकार ने SC को बताया अपना प्लान
17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हो रही सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि ब्यूरोक्रेसी प्रदूषण निष्क्रिय रवैया अपनाया हुआ है और चाहती है कि सब कुछ कोर्ट तय करे। इस दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कई सुझाव दिए थे जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर राज्यों से कहा था कि बैठक में जो फैसला हुआ है उस पर अमल करें। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था कि कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कार्यालय में कर्मियों की 50 फीसदी उपस्थिति, दिल्ली में ट्रकों पर बैन करने और स्कूलों को बंद करने का सुझाव दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अमल करने को कहा था।
26 नवंबर तक दिल्ली में ट्रकों की एंट्री बंद
दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी की ओर से हलफनामा दायर कर कहा गया है कि 13 नवंबर 12 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट को बतााय गया था कि हमने क्या कदम उठाए ताकि एयर क्वालिटी बेहतर हो सके। एनसीआर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमिशन ने जो निर्देश दिया था उसका पालन किया गया। जिसके तहत पहले 21 नवंबर तक ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम किया गया था साथ ही ट्रको की एंट्री पर बैन किया गया था साथ ही कंट्रक्शन एक्टिविटी बंद किया गया था इसके अलावा स्कूल को भी 21 तक बंद कर दिया गया था।
दफ्तरों को भी 26 नवंबर तक नहीं खोला जाएगा
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अब 21 नवंबर को दोबारा निर्देश जारी किया गया है और उसके तहत दिल्ली में ट्रको की एंट्री पर बैन 26 नवंबर तक बढ़ा दी गई है उसके बाद स्थिति का रिव्यू किया जाएगा। साथ ही निर्देश दिया गया है कि दिल्ली में सरकारी दफ्तरों, कॉरपोरेशन के दफ्तरों और स्वायत्त बॉडी के दफ्तर 26 नवंबर तक बंद रहेंगे। इमरजेंसी सर्विस वाले दफ्तर खुले रहेंगे। सरकार की ओर से हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, जेल विभाग, हेल्थ सर्विस, सिविल ड़िफेंस, ट्रांसपोर्ट, जल विभाग आदि के दफ्तर को अपवाद में रखा गया है। साथ ही कहा गया कि 26 तक इन ऑफिसों के अधिकारियिों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा गया है। इसके अलावा प्राइवेट संस्थान को सलाह दी गई है कि वह 26 तक अपने कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहें।
-एजेंसियां

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