दिल्ली: रोहिणी कोर्ट परिसर में दिन दहाड़े गैंगवार, गैंगस्टर सहित 3 लोगों की मौत

नई दिल्‍ली। राजधानी दिल्ली में आज दिनदहाड़े रोहिणी कोर्ट परिसर में फायरिंग से हड़कंप मच गया। किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि हुआ क्या है। कोर्ट में हुई इस गैंगवार में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की मौत हो गई। उसे तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। बताया जा रहा है कि गोगी के विरोधी सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरी गैंग के दो हमलावरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। तीन अन्य लोगों के भी मारे जाने की खबर है।

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बताया जा रहा है कि दोनों हमलावर वकील की ड्रेस में आए थे और उन्होंने गोगी को देखते हुए गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। समझा जा रहा है कि काला कोट और काली पैंट पहने होने के कारण उन्हें कोर्ट में आसानी से एंट्री मिल गई। बाद में गोलियों की तड़तड़ाहट से स्पेशल सेल के जवान ऐक्शन में आ गए और दोनों हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया।
कोर्ट परिसर में फायरिंग की घटना का 16 सेंकेड का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्पेशल सेल के जवान को मोर्चा संभालते देखा जा सकता है। गोलियों की आवाज सुनते ही वकील और दूसरे लोग जो जहां था वहीं पर थम गया।
कौन था जितेंद्र गोगी
जितेंद्र गोगी वही शख्स है जिसके बारे में इसी साल पता चला था कि वह जेल की सलाखों के पीछे बैठ कर अपना गैंग चला रहा था। अलीपुर दिल्ली का रहने वाले गोगी पर हत्या, लूटपाट, जमीन कब्जाने जैसे मामले दर्ज हैं। 2016 में उसे गिरफ्तार किया गया था तो वह तीन महीने में ही कस्टडी से फरार हो गया था। एक समय उस पर चार लाख रुपये का इनाम रखा गया था। हरियाणा पुलिस ने भी 2 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। बाद में उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था।
जेल से ही चलाता था गैंग, दुबई के कारोबारी से मांगी थी 5 करोड़ रंगदारी
मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में टॉप पर रह चुका गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी (30) तिहाड़ जेल से दुबई के कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की वजह से भी सुर्खियों में था। वह जेल से ही रंगदारी, फिरौती के लिए अगवा करने और सुपारी लेकर मर्डर करने का काला कारोबार जारी रखा था।
3 बार पुलिस कस्टडी से हो चुका था फरार
जितेंद्र गोगी 3 बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका था।गिरफ्तारी से पहले वहदिल्ली-हरियाणा पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द था। दिल्ली के अलीपुर का रहने वाला गोगी 30 जुलाई 2016 की सुबह बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था। तब हरियाणा रोडवेज की बस से नरवाना कोर्ट में पेशी पर ले जाते वक्त बहादुरगढ़ में दो कारों में सवार 10 बदमाशों ने बस को ओवरटेक कर रुकवा लिया था। पहले से ही बस में बैठे कुछ बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंक दी और फायर करते हुए गोगी को छुड़ाकर ले गए थे। गोगी पुलिसवालों के असलहे भी लूट ले गया था। इसके बाद गोगी अपने गुर्गों के साथ दिल्ली और हरियाणा में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने लगा।
फरारी में दिखाई दरिंदगी
हरियाणवी सिंगर और डांसर हर्षिता दहिया की पानीपत में अक्टूबर 2017 में हत्या हुई। हर्षिता के जीजा दिनेश कराला ने गोगी को सुपारी दी थी। नवंबर 2017 में ताजपुर निवासी टीचर दीपक बालियान का स्वरूप नगर में मर्डर हुआ। जनवरी 2018 में अलीपुर के रवि भारद्वाज को 25 गोलियां मार छलनी कर दिया। जून 2018 में बुराड़ी में टिल्लू गैंग से हुई गैंगवॉर में 4 लोग मारे गए और 5 जख्मी हुए। नरेला में अक्टूबर 2019 में आम आदमी पार्टी के नेता वीरेंद्र मान उर्फ कालू को 26 गोलियां मार मौत के घाट उतार दिया। इस साल 19 फरवरी को रोहिणी के कंझावला में आंचल उर्फ पवन की 50 राउंड फायरिंग कर हत्या की।
4 साल तक देता रहा पुलिस को चकमा, पिछले साल ही पकड़ा गया था
दिल्ली पुलिस ने गोगी पर चार लाख और हरियाणा पुलिस ने दो लाख का इनाम रख दिया। मकोका भी लगाया। आखिरकार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले साल 3 मार्च को तीन गुर्गों समेत गोगी को गुड़गांव से दबोच लिया। सेल ने अपने एके-47 से लैस स्वॉट स्क्वॉड के साथ घेरा डाला तो गोगी ने एनकाउंटर के डर से खुद सरेंडर करने का वीडियो वायरल कर दिया। कहा जाता है कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता तो गोगी समेत चारों बदमाशों का एनकाउंटर तय था। गोगी के साथ उसके कुख्यात शार्पशूटर कुलदीप मान उर्फ फज्जा, रोहित उर्फ मोई और कपिल उर्फ गौरव भी हत्थे चढ़ गए। इन सभी पर मिलाकर 10 लाख 50 हजार का इनाम था।
कॉलेज के समय से चल रही थी दुश्मनी
टिल्लू ताजपुरी और जितेंद्र गोगी दोनों ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में श्रद्धानंद कॉलेज के स्टूडेंट थे। कॉलेज के समय से ही दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। आगे यह इतनी बढ़ गई कि पिछले 3-4 वर्षों में 20 से ज्यादा गैंगवार हुई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी इन दोनों गैंग के बीच फायरिंग हुई थी, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी।
कभी जिगरी यार रहे गैंगस्टर गोगी और टिल्लू ताजपुरिया के बीच 2010 में बाहरी दिल्ली के एक कॉलेज छात्र संघ चुनाव से रंजिश शुरू हुई, जो गैंगवार में तब्दील हो गई। इस खूनी खेल में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। कुख्यात गैंगस्टर नीतू दाबोदिया 2013 में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। खुद को दिल्ली का डॉन कहने वाला नीरज बवानिया भी जेल चला गया। इसके बाद गोगी और टिल्लू के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई। करीब 7 साल से आउटर, रोहिणी, नॉर्थ वेस्ट, आउटर नॉर्थ जिले दोनों की गैंगवॉर का दंश झेल रहे हैं।
अब रोहिणी कोर्ट में हुए इस गैंगवार के बाद सवाल उठ रहे हैं कि कोर्ट परिसर में हमलावर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गए। कोर्ट की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
-एजेंसियां

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