दशहरे के दिन फ्रांस में शस्त्र पूजा करेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्‍ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बार फ्रांस में शस्त्र पूजा करेंगे क्योंकि वह दशहरे के दिन वहीं रहेंगे। राजनाथ फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान लाने जा रहे हैं। पैरिस में 8 अक्टूबर को पहला राफेल विमान भारत को मिलेगा। उसी दिन वह राफेल में उड़ान भी भरेंगे।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह फ्रांसीसी एयरफोर्स के बेस पर से उड़ान भरेंगे।
सूत्रों ने कहा कि डिफेंस मिनिस्टर 7 अक्टूबर को तीन दिवसीय यात्रा के लिए पेरिस रवाना होंगे, जहां 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस पर भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान सौंपा जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल को औपचारिक तौर पर रिसीव करेंगे। वायुसेना का इरादा पहले 18 राफेल विमानों से अंबाला में अपनी 17 ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाडन को पुनर्जीवित करने का इरादा है। ये विमान पश्चिम सीमा पर पाकिस्तानी खतरे से निपटेंगे। इसके बाद आने वाले अगले 18 जेट्स को 101 ‘फॉल्कन’ स्क्वाडन में पश्चिम बंगाल स्थित हरिमासा बेस पर तैनात किया जाएगा। ये विमान चीनी सीमा पर भारतीय वायुसेना को मजबूती प्रदान करेंगे।
भारत के लिए खास तौर पर तैयार सभी 36 जेट्स का अपग्रेड होने के बाद सितंबर-अक्टूबर 2022 तक ही सेवा देने के लिए तैयार हो पाएंगे क्योंकि भारत पहुंचने के बाद जरूरी सॉफ्टवेयर सर्टिफिकेट हासिल करने में उन्हें अतिरिक्त छह महीने का वक्त लगेगा।
भारत ने इस डील के लिए फ्रांस को पहले ही 34 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। भारत के पास फिलहाल सिर्फ 30 स्क्वाडन हैं जबकि चीन और पाकिस्तान के संयुक्त खतरे से निपटने के लिए भारत को कम से कम 42 स्क्वाडन की जरूरत है।
राफेल विमानों के परीक्षण और ट्रेनिंग के लिए लिए भारतीय पायलट इन्हें फ्रांस में कम-से-कम 1,500 घंटे उड़ाएंगे। उड़ान के दौरान राफेल विमान SCALP मिसाइल से लैस होंगे, जो 300 किलोमीटर की रेंज में जमीन पर वार कर सकती है। ट्रेनिंग और परीक्षण पूरा होने के बाद राफेल को वायुसेना के अंबाला बेस में लाया जाएगा।
फ्रांस को कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान सौंपने हैं। सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री विमान हासिल करने के बाद उसमें उड़ान भरेंगे। कार्यक्रम में फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ साथ राफेल की निर्माण कंपनी दसॉ एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सिंह 9 अक्टूबर को फ्रांस के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर व्यापक चर्चा करेंगे।
सूत्रों ने कहा कि भारतीय वायुसेना का एक उच्चस्तरीय दल फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ कार्यक्रम को लेकर समन्वय के लिए पहले से ही पैरिस में है। भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 58 हजार करोड़ रुपये में 36 लड़ाकू विमान खरीदने का करार किया था। यह विमान बड़ी मात्रा में शक्तिशाली हथियार और मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं।
-एजेंसियां

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