अमेरिका में रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, मुस्लिम विरोधी नहीं है नागरिकता कानून

अमेरिका में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संशोधित नागरिकता अधिनियम मुस्लिम विरोधी नहीं है। उन्‍होंने यहां भारतीय समुदाय को आश्वासन दिया और कहा कि हमारी संस्कृति हमें नफरत करना नहीं सिखाती है। रक्षा मंत्री भारत के महावाणिज्‍य दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यहां भारतीय समुदाय के समक्ष यह बात कही। बता दें कि रक्षा मंत्री इस समय वाशिंगटन में हैं। वह सोमवार को अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल पो‍म्पिओ और रक्षा सचिव मार्क फ्रॉम सिंह 18 दिसंबर को सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की मंत्रिस्तरीय वार्ता की मेजबानी करेंगे।
उन्‍होंने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों- अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, नागरिकता (संशोधन) विधेयक, ट्रिपल तालाक बिल और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर भारत की प्रतिक्रिया की सराहना की। सिंह ने दोबारा जोर देकर कहा नागरिकता (संशोधन) विधेयक, जो अब कानून है, मुस्लिम विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून का मकसद अल्पसंख्यकों जैसे कि हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों, पारसियों, बौद्धों, भारत के पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचाना है।
रक्षा मंत्री ने कहा ने कहा कि मुस्लिमों को सीएए में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि ये तीन देशों लोकतांत्रिक और इस्लामिक राज्य हैं। इन इस्लामिक देशों में कम से कम इस्लाम धर्म का पालन करने वालों को धार्मिक उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ सकता है। धार्मिक उत्पीड़न नहीं क्योंकि उस राज्य का धर्म इस्लाम है। इसी तरह से ट्रिपल तालक के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि अगर भारत की मुस्लिम माताओं, बहनों और बेटियों के साथ अन्याय हुआ तो भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।
दर्शकों के एक सवाल के जवाब रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ बातचीत होती है, तो यह अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (गुलाम कश्‍मीर) पर होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि बात क्या होगी, गुलाम कश्‍मीर तो अपना है। उनके इस जवाब के बाद दर्शकों ने जयकारे के नारे लगाए। उन्‍होंने कहा भारत पाकिस्‍तान से अच्‍छे संबंधों का हिमायती है, लेकिन वह अपनी हरकत से बाज नहीं आ आता।
-एजेंसियां

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