भारत दर्शन यात्रा सेवा के तहत आगरा से स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन चलाने का फैसला

भारत दर्शन स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इसमें सवार श्रद्धालुओं को अयोध्या में राम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, झारखंड में वैद्यनाथ धाम, पश्चिम बंगाल में गंगासागर, कोलकाता का काली घाट, पुरी का जगन्नाथ मंदिर, गया का विष्णुपद मंदिर जैसे तीर्थ स्थलों के भ्रमण का मौका मिलेगा। 10 दिन की इस यात्रा के पूरे पैकेज के लिए 945 प्रतिदिन के हिसाब से 9450 रुपये का शुल्क रखा गया है। इसमें रेलगाड़ी और बस से आरामदायक यात्रा, रोज के खाने पीने और भ्रमण का भी शुल्क शामिल है।
आगरा से वाराणसी तक ट्रेन में सवार हो सकेंगे लोग
आईआरसीटीसी (IRCTC) की सीएमडी रजनी हसीजा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लोगों की तरफ से गंगासागर दर्शन और पुरी के जगन्नाथपुरी मंदिर भ्रमण की काफी मांग आ रही थी। इसी को देखते हुए आगरा से कानपुर, बनारस होते हुए एक विशेष टूरिस्ट ट्रेन चलाने का फैसला किया गया है। यह ट्रेन आगरा से आगामी 21 जनवरी को तड़के रवाना होगी। इसमें ग्वालियर, झांसी, ओरई, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, जौनपुर और वारणसी से श्रद्धालु सवार हो सकेंगे।
सबसे पहले राम जन्मभूमि
रजनी हसीजा ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेन 22 जनवरी को सुबह सुबह अयोध्य पहुंच जाएगी। वहां से यात्रियों को धर्मशाला ले जाया जाएगा। वहां फ्रेश होने के बाद उन्हें रामजन्मभूमि और हनुमान गढ़ी का दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें अयोध्या के अन्य मंदिरों का भी भ्रमण कराया जाएगा। शाम में सरयू आरती देखने के बाद तीर्थयात्री फिर से ट्रेन में सवार हो जाएंगे। इसके बाद ट्रेन जौनपुर होते हुए वाराणसी ती तरफ रवाना हो जाएगी।
वाराणसी में कहां-कहां भ्रमण
सुबह ट्रेन के वाराणसी पहुंचते ही तीर्थ यात्रियों को धर्मशाला ले जाया जाएगा। वहां फ्रेश होने के बाद उन्हें काशी विश्वनाथ कॉरिडोर दिखाते हुए विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु गंगा तट भी जाएंगे। यदि मौसम ठीक रहा और समय बचा तो उन्हें गंगा आरती भी दिखाई जाएगी। इसके बाद यात्री रात में ट्रेन में सवार हो जाएंगे। इसके बार ट्रेन झारखंड के जसीडीह के लिए रवाना हो जाएगी।
चौथे दिन वैद्यनाथ धाम
यात्रा के चौथे दिन सुबह सुबह ट्रेन जसीडीह पहुंच जाएगी। वहां से श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से वैद्यनाथ धाम देवघर ले जाया जाएगा। वहां धर्मशाला में यात्री फ्रेश होंगे। फिर वे रावणेश्वर महादेश की पूजा अर्चना के लिए वैद्यनाथ मंदिर जाएंगे। इसके बाद उन्हें वैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर में ही अवस्थित कुछ और मंदिरों में पूजा अर्चना का मौका मिलेगा। इसके बाद यात्री जसीडीह स्टेशन के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां से उन्हें ट्रेन में बिठा दिया जाएगा और ट्रेन कोलकाता के पास शालीमार के लिए रवाना हो जाएगी।
गंगासागर का दर्शन
पांचवें दिन यह स्पेशल ट्रेन सुबह सुबह शालीमार पहुंच जाएगी। वहां से सुविधाजनक बस या छोटे वाहन में श्रद्धालुओं को गंगासागर का दर्शन कराने ले जाया जाएगा। वहां धर्मशाला में ले जा कर पहले फ्रेश होने का अवसर मिलेगा। फिर गंगासागर का दर्शन कराया जाएगा। उस दिन रात्रि विश्राम गंगासागर में ही होगा। उसके बाद अगले दिन श्रद्धालु वापस कोलकाता लौट जाएंगे। कोलकाता में उन्हें काली घाट का भ्रमण कराया जाएगा। उसी दिन रात में यात्री ट्रेन में सवार होकर पुरी के लिए रवाना हो जाएंगे।
सातवें दिन पुरी
सातवें दिन सुबह ही ट्रेन पुरी पहुंच जाएगी। वहां से यात्रियों को एक धर्मशाला में ले जाया जाएगा। वहां फ्रेश होने के बाद यात्री जगन्नाथ मंदिर में कृष्ण, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन को जाएंगे। उस दिन रात्रि विश्राम पुरी में ही होगा। अगले दिन यात्री कोणार्क मंदिर देखने को जाएंगे। उस दिन रात में ट्रेन पुरी से गया के लिए रवाना हो जाएगी।
नौवें दिन गया
नौवें दिन सुबह ही गाड़ी गया पहुंच जाएगी। वहां से यात्रियों को गया का प्रसिद्ध का विष्णुपद मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। गया में फल्गु नदी के किनारे स्थित विष्णुपद मंदिर के बाहर देश भर से लोग पिंडदान करने आते हैं। विष्णुपद मंदिर के दर्शन के बाद यात्रियों को गया के कुछ अन्य मंदिरों का भी दर्शन कराया जाएगा। उसके बाद ट्रेन वापस वारणसी की ओर प्रस्थान कर जाएगी। फिर जिस स्टेशन पर लोग चढ़े होंगे, वहां उतरते हुए अगले दिन रात में ट्रेन आगरा पहुंच जाएगी।
शुल्क 945 रुपये प्रतिदिन
आईआरसीटीसी के मुताबिक इस पैकेज में प्रतिदिन 945 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क तय किया गया है। इसमें जीएसटी एवं अन्य शुल्क भी शामिल हैं। इसी राशि में हर वक्त का खाना पीना, चाय, रेलवे स्टेशन से मंदिर या पर्यटन स्थल तक आरामदायक वसों में भ्रमण, जरूरत पड़ने पर धर्मशाला या किसी डोरमेट्री में रात्रि विश्राम आदि की भी सुविधा शामिल है। आईआरसीटीसी की तरफ से चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन में यात्रियों को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
भारत दर्शन योजना का उद्देश्य सस्ते में तीर्थाटन
केंद्र सरकार की योजना भारत दर्शन सेवा का मकसद सस्ते में लोगों को देश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाना है। जब यह योजना शुरू हुई थी, उस समय इसका दैनिक शुल्क 500 रुपये प्रतिदिन रखा गया था लेकिन कालांतर में महंगाई के असर और सेवा शुल्क प्रभार में बढ़ोत्तरी की वजह से इसका शुल्क 945 रुपये तक पहुंच गया है।
-एजेंसियां

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