Portal पर मदरसों का विवरण अपलोड कराने की तारीख 15 तक बढ़ी

लखनऊ। उप्र सरकार द्वारा जारी मदरसा Portal पर मदरसों का पंजीकरण और पूर्ण विवरण दर्ज करने की तिथि 15 अक्तूबर तक बढ़ा दी गयी है। विभाग ने इस बाबत पत्र जारी कर दिया है। हालांकि स्थानीय अधिकारियों को कहना है कि मदरसा पोर्टल पर पंजीकरण तिथि बढ़ने की लिखित सूचना उन्हें अब तक नहीं मिली है। इसलिए बढ़ी तिथि से मदरसा संचालक भी अनजान हैं। फिलहाल अब तक दो बार तिथि बढ़ाई जा चुकी है लेकिन पोर्टल पर एक बार सूचना अपलोड करने की जहमत नहीं उठाई गई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के मुताबिक जिले में 222 के करीब मदरसे हैं। इनमे 10 अनुदानित हैं। अब तक 189 मदरसों ने पंजीकरण कराया है जिनका पूर्ण विवरण अपलोड भी कर दिया गया है। 38 मदरसे अब तक पंजीकरण नहीं करा सके हैं।
प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने मदरसों में होने वाली शिक्षा, मिलने वाले अनुदान और परीक्षाओं के लिए पंजीकरण समेत अन्य व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने के लिए सरकार ने मदरसा बोर्ड की वेबसाइट शुरू की है। madarsaboard.upsdc.gov.in की इस वेबसाइट पर प्रदेश में संचालित सभी मदरसों को अपना पंजीकरण कराना है। इस संबंध में 18 अगस्त को सरकार ने आदेश जारी किया था। तब सरकार की तरफ से कहा गया था कि पंजीकरण की अंतिम तारीख 15 सितंबर होगी। तकनीकी खामियों की वजह से पंजीकरण में हो रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने पंजीकरण की मियाद 15 दिन और बढ़ा कर 30 सितंबर कर दी थीं। एक बार फिर पंजीकरण मियाद 15 दिन और बढ़ा कर 15 अकतूबर कर दी गई है।

‘‘मदरसा पोर्टल पर पंजीकरण से पता चल जाएगा कि कितनी संख्या में छात्र पढ़ रहे हैं।कितनों को स्कॉलरशिप जानी है। इससे पारदर्शिता आएगी और मदरसों की शिक्षा में गुणवत्ता भी लाई जा सकेगी। इन मदरसों की लोकेशन गूगल पर अपलोड कर दी जाएगी ताकि लोग मदरसों को खोज सकें।’’
राजीव रौतेला, जिलाधिकारी गोरखपुर

सिर्फ 560 मदरसों को ही अनुदान
सनद रहे कि प्रदेश में तहतानियां, फौकानियां, आलिया और उच्च आलिया स्तर के मदरसों की कुल संख्या 19,143 है। सरकार केवल 560 मदरसों को ही अनुदान देती है। प्रदेश स्तर पर संचालित मदरसों की संख्या 19 हजार से ज्यादा है। मुस्लिम धर्मगुरु अनुदानित मदरसों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग भी कर रहे हैं।

इसलिए जरूरी है पंजीकरण
सभी तरह के डेटा में डुप्लीकेसी रुक जाएगी
फर्जी मदरसा शिक्षक चिह्नित होंगे
फर्जी स्कॉलरशिप का खेल भी रुकेगा
2018 में होनी वाली परिषद की मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल स्तर की परीक्षाओं को कराया जाएगा।

पंजीकरण में देनी हैं ये जानकारियां-
मदरसे का नाम और पता-
मान्यता की तारीख-
मदरसों में कमरों की संख्या-
संस्था का नाम-
छात्र-छात्राओं की संख्या-
शिक्षकों की संख्या, नाम-
इसमें मदरसों के पंजीकरण व डाटा अपलोड की संख्या नहीं हैं
-एजेंसी