दानिश कनेरिया बोले, चाहता हूं कि गांगुली बनें आईसीसी के अगले अध्यक्ष

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ के बाद पाकिस्तान के हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने भी भारत के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को आईसीसी का अगला अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत की है।
लेग स्पिनर कनेरिया वर्तमान में एक इंग्लिश काउंटी मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के लिए आजीवन प्रतिबंध की सजा काट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर गांगुली आईसीसी प्रमुख बनते हैं तो वह आईसीसी से फिर से अपील करेंगे और उन्हें यकीन है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
कनेरिया ने यह बात एक भारतीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कही। उनसे पूछा गया कि क्या वह आईसीसी से अपने बैन के खिलाफ अपील करेंगे?
इसके जवाब में कनेरिया ने कहा, ‘हां… अगर गांगुली आईसीसी अध्यक्ष बनते हैं तो अपील करूंगा और मुझे यकीन है कि आईसीसी मेरी हर तरह से मदद करेगा।’
पाकिस्तान के लिए 261 टेस्ट विकेट लेने वाले कनेरिया से बेहतर सिर्फ वसीम अकरम, वकार यूनुस और इमरान खान के आंकड़े हैं।
कनेरिया को एसेक्स का प्रतिनिधित्व करते हुए स्पॉट फिक्सिंग के लिए प्रतिबंधित किया गया था। लेग स्पिनर ने शुरू में आरोप से इनकार किया था, लेकिन 2018 में उन्होंने आखिरकार कबूल कर लिया। कनेरिया ने कहा कि गांगुली एक शानदार क्रिकेटर थे और वह आईसीसी प्रमुख की भूमिका के लिए एक आदर्श उम्मीदवार हो सकते हैं। बता दें कि गांगुली फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
क्यों गांगुली हैं सबसे बेहतर उम्मीदवार
कनेरिया ने गांगुली का समर्थन करते हुए कहा, सौरभ एक उत्कृष्ट क्रिकेटर रहे हैं। वह बारीकियों को समझता है। आईसीसी अध्यक्ष की भूमिका के लिए उनसे बेहतर कोई उम्मीदवार नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘गांगुली ने भारत को काफी आगे बढ़ाया और उसके बाद एमएस धोनी और विराट कोहली ने आगे बढ़ाया। वह वर्तमान में बीसीसीआई अध्यक्ष हैं और मेरा मानना है कि वह क्रिकेट को आगे ले जा सकते हैं, वह आईसीसी प्रमुख बन जाएंगे।
पाकिस्तान के समर्थन की जरूरत नहीं
कनेरिया ने आगे कहा कि उन्हें आईसीसी अध्यक्ष बनने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के समर्थन की भी आवश्यकता नहीं है। पूर्व पाकिस्तान स्पिनर ने कहा, गांगुली के पास खुद के लिए एक मजबूत मामला है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें पीसीबी के समर्थन की भी आवश्यकता होगी। इससे पहले साउथ अफ्रीका के पूर्व कपतन ग्रीम स्मिथ ने अगले ICC अध्यक्ष के रूप में गांगुली का नाम आगे बढ़ाया था।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *