आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में क्यूबा फिर शामिल

वॉशिंगटन। अमेरिका ने क्यूबा को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में फिर डाल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यह कदम अपने कार्यकाल समाप्ति के चंद दिनों पहले लिया है। अमेरिका की इस सूची में क्यूबा का पहले भी नाम था, जिसे बराक ओबामा के कार्यकाल में हटाया गया था। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने अमेरिका के इस निर्णय की निंदा की है।
आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में नाम डालने की जानकारी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने दी। उन्होंने कहा कि इस सूची में नाम आने के बाद क्यूबा पर नई पाबंदिया शुरू की जा रही हैं। उस पर व्यापार के साथ रक्षा उत्पादों की खरीद पर भी रोक लगाई गई है। विदेशी सहायता के मामलों में भी कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। दोहरी व्यापार नीति में भी उसे कुछ प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
पोंपियो ने कहा कि अमेरिकी सरकार की यह कार्यवाही क्यूबा के लिए स्पष्ट संदेश है कि वह अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को समर्थन करना बंद करे। उन्होंने यह भी कहा कि 2015 में क्यूबा का जिन शर्तो के आधार पर सूची से नाम हटाया गया था, उसका उल्लंघन किया गया है। अब उसका नाम इस सूची में फिर डाल दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि क्यूबा की सरकार हत्यारों, बम बनाने वालों और अपहरणकर्ताओं को शरण देती है। क्यूबा ने अमेरिका में अपराध करने वालों को भी पनाह दे रखी है। इनमें कई राजनीतिक हिंसा केभी दोषी हैं। क्यूबा ने नेशनल लिबरेशन आर्मी (ईएलएन) के दस नेताओं का प्रत्यर्पण करने से भी इन्कार कर दिया है। ये सभी बोगोटा पुलिस अकादमी में बम बिस्फोट के दोषी हैं। इस घटना में 22 लोगों की मौत हो गई थी।
-एजेंसियां

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