सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने भारत से अच्छे संबंधों की वकालत की

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश के नेशनल टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर बात की है. इसमें उन्होंने भारत का भी नाम लिया और भारत से अच्छे संबंधों की वकालत की.
कोराना महामारी के कारण तेल से हासिल होने वाले राजस्व पर निर्भर सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है. ऐसे में कहा जा रहा था कि अब तक सऊदी अरब इनकम टैक्स नहीं लगाता था लेकिन आने वाले दिनों में लगा सकता है. लेकिन क्राउन प्रिंस ने इन अटकलों को ख़ारिज कर दिया है.
प्रिंस सलमान ने इंटरव्यू में कहा कि सऊदी अरब में इनकम टैक्स लागू करने की कोई योजना नहीं है. पिछले साल जुलाई महीने में सऊदी अरब ने अस्थायी रूप से वैट को पाँच फ़ीसदी से बढ़ाकर 15 फ़ीसदी कर दिया था.
भारत का नाम प्रमुखता से
क्राउन प्रिंस ने अपने इंटरव्यू में भारत का भी नाम लिया. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब भारत से रिश्तों को मज़बूत करने पर काम कर रहा है.
प्रिंस सलमान ने कहा, ”1950 के दशक में अमेरिकी अर्थव्यवस्था दुनिया की पूरी अर्थव्यवस्था का 50 फ़ीसदी थी लेकिन अभी क्या स्थिति है? अब केवल 20 फ़ीसदी है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पूरी दुनिया की तस्वीर बदली. हम बाक़ी के रणनीतिक साझेदारों से रिश्ते मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं.”
”हम खाड़ी के देशों, मध्य पूर्व के देशों और ब्रिटेन, फ़्रांस यूरोप के अलावा भारत, चीन, रूस, लातिन अमेरिका और अफ़्रीका से रिश्ते मज़बूत कर रहे हैं. हम ये सब सऊदी अरब के हित में कर रहे हैं और इससे किसी देश को कोई नुक़सान नहीं होगा. चीन घोषणा कर रहा है कि सऊदी अरब उसका रणनीतिक पार्टनर है. भारत भी ऐसा ही कर रहा है. रूस ने भी ऐसा ही कहा. हालांकि इसके बावजूद अमेरिका के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी है.”
क्राउन प्रिंस ने कहा, ”हम अपने हितों के लिए विदेशी संबंधों को मज़बूत कर रहे हैं. यह बाक़ी के देशों और अंतराष्ट्रीय हित के लिए भी ठीक है. आख़िरकार हर देश का अपना चुनाव होता है. हम पारस्परिक हितों का ध्यान रखते हैं. सऊदी अरब आंतरिक मामलों में किसी भी देश के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा. संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का पालन हर हाल में होना चाहिए कि हर मुल्क की संप्रभुता का सम्मान किया जाए.”
-BBC

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