Major Gogoi के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी

नई दिल्‍ली। Major Gogoi  के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। Major Gogoi  के ड्राइवर समीर मल्ला के खिलाफ हाल ही में कश्मीर में कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया हुई थी, उन्हें ‘कड़ी फटकार’ लगाए जाने की संभावना है। फरवरी में मेजर लीतुल गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ सबूत पूरे होने के बाद कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों को स्थानीय महिला से दोस्ती और ड्यूटी स्थल से दूर होने का दोषी पाया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में स्थानीय महिला से दोस्ती रखने के दोष में उनका पद घटाया जा सकता है। बता दें कि मेजर गोगोई 2017 में पत्थरबाजी करने वाले एक युवक को जीप के आगे बांधने की वजह से चर्चा में आए थे।

इस मामलेे को लेकर हो रही है Major Gogoi के खिलाफ कार्रवाई
23 मई 2018 को उस समय विवाद खड़ा हुआ था जब यह खबर फैली थी कि सेना के एक अधिकारी को एक नाबालिग लड़की के साथ स्थानीय होटल से पुलिस ने गिरफ्तार किया जो यौन शोषण की मंशा से उसे साथ लेकर आया था। हालांकि यह मामला ज्यादा तूल उस समय पकड़ने लगा जब खबर यह सामने आई कि पकड़ा गया अधिकारी वह है, जिसने बडगाम जिले में उपचुनाव के दौरान एक स्थानीय युवक को ह्यूमन शील्ड बनाया था।

इस मामला में चर्चा में आए थे मेजर गोगोई
28 साल के बुनकर डार 9 अप्रैल 2017 को सेना द्वारा जीप पर बांधकर घुमाए जाने के बाद अभी अपनी सामान्य जिंदगी में लौटने के लिए जूझ रहे हैं। सेंट्रल कश्मीर के बड़गाम में रहने वाले फारूक अहमद डार ने उस दिन हो रहे उपचुनाव में अपना वोट डाले और इसके बाद वह पड़ोस के गांव में अपने एक रिश्तेदार के यहां हुई एक मौत के बाद लौट रहा था, जब उसे रोक कर उसकी बजाज पल्सर बाइक से उतरने को कहा गया। डार के हाथ रस्सी से बांधकर सेना की जीप के बोनट पर बांधा गया। करीब 6 घंटों तक उसे उस इलाके के कई गांवों में घुमाया गया। यह सब बीरवाह सब-डिस्ट्रिक्ट में भारतीय सेना के बड़गाम कैंप के 53, राष्ट्रीय राइफल के मेजर लीतुल गोगोई के नेतृत्व में हुआ। लीतुल का कहना था कि पत्थरबाजों से बचने के लिए सेना का ऐसा करना जरूरी था। इसके बाद सरकार द्वारा मेजर को सम्मानित भी किया गया था।

-एजेंसी

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