मध्य प्रदेश में बनी देश की पहली गौ कैबिनेट, कांग्रेस ने राजनीति शुरू की

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने गौ कैबिनेट का गठन किया है जिसकी पहली बैठक रविवार को हुई। प्रदेश के पहले गौ अभ्यारण्य में हुई इसकी बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। प्रदेश में गायों की सुरक्षा और कल्याण के लिए अब काऊ सेस लगाने पर भी विचार हो रहा है। एमपी प्रदेश का पहला राज्य है जहां गौ कैबिनेट का गठन किया गया है।
5 विभागों के मंत्री शामिल
गौ कैबिनेट में 5 विभागों के मंत्रियों को शामिल किया गया है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, कृषि मंत्री कमल पटेल, वन मंत्री विजय शाह और एनिमल
हसबैंड्री मामलों के मंत्री प्रेम सिंह पटेल को इसका हिस्सा बनाया गया है। गठन की घोषणा के दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि गौ कैबिनेट प्रदेश में गायों के संरक्षण और कल्याण के लिए काम करेगी। वहीं, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बीजेपी भारतीय संस्कृति के संरक्षण की पक्षधर है। पार्टी का मानना है कि गाय, गीता और गंगा भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं इसीलिए बीजेपी सरकार ने गौ कैबिनेट का गठन कर पूरे देश के सामने उदाहरण पेश किया है।
गठन के साथ राजनीति भी शुरू
गौ कैबिनेट के गठन को बीजेपी जहां गायों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे शिवराज सरकार का एक और घोषणा मात्र करार दे रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सिंह चौहान ने गायों के लिए अल मंत्रालय के गठन का ऐलान किया था। प्रदेश भर में गौ अभयारण्य और काऊ शेड के गठन की घोषणा भी की गई थी। शिवराज ने पहले की घोषणाओं पर अमल नहीं किया, लेकिन अब गौ कैबिनेट के गठन का ऐलान कर दिया।
बीजेपी ने भी साधा निशाना
दूसरी ओर बीजेपी भी कांग्रेस पर गायों के मामले में वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है। कमलनाथ के आरोपों का जवाब देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर पूरे प्रदेश में 1000 गौशालाओं के निर्माण का वादा किया था लेकिन 15 महीने के शासन में 15 गौशाला भी नहीं बने।
-एजेंसियां

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